यूरोप में इन दिनों भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। आयरलैंड के खिलाफ 26 जून से बेलफास्ट में शुरू होने वाली। महज 15 साल की उम्र में जिस तरह से इस खिलाड़ी को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सर्किट में चर्चा तेज हुई है, उसने क्रिकेट प्रेमियों के बीच खासा आकर्षण पैदा कर दिया है
आयरलैंड के खिलाफ उनके संभावित टी20 इंटरनेशनल डेब्यू को लेकर फैंस में अलग ही तरह का क्रेज देखा जा रहा है। खासकर बेलफास्ट के स्टॉर्मोंट ग्राउंड में होने वाले मैच को लेकर टिकटों की भारी मांग ने आयोजकों को भी हैरान कर दिया है। स्टॉर्मोंट ग्राउंड की क्षमता करीब 7,000 दर्शकों की है, लेकिन मैच को लेकर यूरोप के कई देशों से क्रिकेट प्रेमियों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर भी टिकटों की मांग तेजी से बढ़ी है और माना जा रहा है कि अगर वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू इस मुकाबले में होता है तो स्टेडियम पूरी तरह से भर सकता है। क्रिकेट से जुड़े जानकारों का कहना है कि इतने कम उम्र के खिलाड़ी को लेकर इस स्तर का उत्साह बहुत कम देखने को मिलता है।
हालांकि राव ने यह भी साफ किया कि असली परीक्षा इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में होगी, जहां परिस्थितियां पूरी तरह अलग होंगी। वहां स्विंग गेंदबाजी और बदलते मौसम की स्थिति किसी भी युवा बल्लेबाज के लिए चुनौती बन सकती है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टिके रहने के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं बल्कि धैर्य और मानसिक मजबूती भी उतनी ही जरूरी होती है। वैभव के लिए यह दौर सीखने का होगा और उन्हें हर परिस्थिति में खुद को ढालना होगा।
राव ने युवा बल्लेबाज को सलाह दी कि वे सुपरस्टारडम के बीच सचिन तेंदुलकर की तरह विनम्र रहें, फिटनेस और अनुशासन बनाए रखें। उन्होंने कहा कि वैभव के पास असाधारण प्रतिभा है, लेकिन उसे लंबे समय तक बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी। आयरलैंड क्रिकेट में 35 साल से योगदान दे रहे राव को 28 जून को दूसरे टी-20 से पहले प्रतिष्ठित ‘रॉय टॉरेंस बेल’ बजाने का सम्मान भी मिलेगा।
