रांची। झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपरा और विरासत को समर्पित दो दिवसीय झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ 9 अगस्त से रांची के मोरहाबादी मैदान में होगा। महोत्सव के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग वंदना दादेल ने आयोजन स्थल का विस्तृत निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव ने महोत्सव स्थल पर चल रहे निर्माण कार्यों और विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की जाएं। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने और आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होने देने के निर्देश दिए।
सुरक्षा से लेकर यातायात व्यवस्था तक की समीक्षा
वंदना दादेल ने वीवीआईपी आवागमन, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि महोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त और सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने मुख्य मंच, विभिन्न विभागों और संस्थाओं के स्टॉल, पार्किंग क्षेत्र सहित आयोजन स्थल की अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया कि महोत्सव शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखेगी आदिवासी संस्कृति
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि झारखंड आदिवासी महोत्सव राज्य की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपरा और विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय और पूरी गंभीरता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आयोजन के दौरान सुरक्षा और सुविधा दोनों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले अतिथि और आम नागरिक झारखंड की आदिवासी संस्कृति से बेहतर ढंग से परिचित हो सकें और महोत्सव का आनंद ले सकें।
निरीक्षण के दौरान कल्याण आयुक्त कुलदीप चौधरी, विशेष सचिव, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग राजीव लोचन बक्शी, संयुक्त निदेशक आनंद, निदेशक टीआरआई आलोक एस. कच्छप सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और एजेंसी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
