मॉस्को । रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, लेकिन तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। रूस में 9 मई को मनाए जाने वाले ‘विजय दिवस’ (Victory Day) समारोह से ठीक पहले यूक्रेन ने रूसी क्षेत्रों पर ड्रोन हमलों की बौछार कर दी है। गुरुवार रात हुए इस हमले को युद्ध की शुरुआत के बाद से अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला माना जा रहा है।
रूसी रक्षा मंत्रालय और समाचार एजेंसी ‘तास’ के अनुसार, यूक्रेन ने रूस के 20 से अधिक क्षेत्रों को निशाना बनाने के लिए ड्रोन भेजे थे। रूस का दावा है कि उसने अपने एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए 347 यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया है।
विमान सेवा ठप, राजधानी में सुरक्षा सख्त
ड्रोन हमलों का सीधा असर रूस की राजधानी मॉस्को पर पड़ा है। सुरक्षा कारणों से मॉस्को के तीन प्रमुख हवाई अड्डों—शेरेमेत्येवो, डोमोडेडोवो और वनुकोवो—से लगभग 100 उड़ानें रद्द कर दी गईं या उनके समय में बदलाव किया गया। 9 मई को होने वाली परेड के मद्देनजर मॉस्को में मोबाइल इंटरनेट और मैसेजिंग सेवाएं बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इस बार सुरक्षा कारणों से परेड में भारी सैन्य उपकरण और टैंक भी नजर नहीं आएंगे।
संघर्ष विराम की घोषणा के बीच बढ़ा तनाव
दिलचस्प बात यह है कि रूस ने विजय दिवस के उपलक्ष्य में 8 मई की मध्यरात्रि से 10 मई तक एकतरफा सैन्य विराम की घोषणा की है। यूक्रेन ने भी पहले हमले रोकने के संकेत दिए थे, लेकिन गुरुवार के हमलों ने स्थिति को फिर से गंभीर बना दिया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने चेतावनी दी है कि यदि विजय दिवस समारोह में कोई बाधा डाली गई, तो कीव पर अब तक का सबसे बड़ा जवाबी हमला किया जाएगा।
लातविया के हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल का आरोप
रूस ने एक गंभीर कूटनीतिक आरोप लगाते हुए कहा है कि यूक्रेन ने सेंट पीटर्सबर्ग पर हमला करने के लिए लातवियाई हवाई क्षेत्र का उपयोग किया है। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रडार पर लातविया की ओर से आते हुए कई ड्रोन देखे गए। वहीं, लातविया ने भी पुष्टि की है कि दो ड्रोन उसके इलाके में गिरे हैं। इस घटना ने नाटो देशों और रूस के बीच जारी तनाव में एक नया मोड़ ला दिया है।

