जमशेदपुर । बिष्टुपुर स्थित टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में शुक्रवार को एक बुजुर्ग मरीज की मौत के बाद अस्पताल परिसर रणक्षेत्र बन गया। सिदगोड़ा के बारीडीह निवासी 78 वर्षीय तारकनाथ शर्मा की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने डॉक्टरों और प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
भर्ती और रेफर का विवाद: परिजनों के अनुसार, तारकनाथ शर्मा को 4 मई को तबीयत बिगड़ने पर टीएमएच लाया गया था। शुरुआत में डॉक्टरों ने उन्हें दूसरे अस्पताल रेफर करने की सलाह दी, लेकिन बाद में अस्पताल में ही भर्ती कर लिया।
आरोप है कि पहले सिर्फ दवाओं से इलाज की बात कही गई, लेकिन फिर अचानक ऑपरेशन को अनिवार्य बताते हुए 41,000 रुपये जमा करने को कहा गया। गुरुवार को पैसे जमा होने के बाद शाम को ऑपरेशन किया गया।
परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद मरीज को सीधे जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया, जहां सही निगरानी न होने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई।
अस्पताल परिसर में पुलिस का हस्तक्षेप
बुजुर्ग की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। पुलिस के हस्तक्षेप और काफी समझाने-बुझाने के बाद ही हंगामा शांत हुआ।
अस्पताल प्रबंधन की सफाई
टीएमएच प्रबंधन ने लापरवाही के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। अस्पताल का कहना है कि “मरीज का ऑपरेशन सफल रहा था, लेकिन अचानक हार्ट अटैक आने की वजह से उनकी जान चली गई। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का पूरा प्रयास किया था।” परिजनों का अब भी यही कहना है कि यदि प्रबंधन सही समय पर उचित निगरानी रखता, तो मरीज की जान बचाई जा सकती थी।

