30 C
Kolkata
Friday, May 8, 2026

चक्रधरपुर स्टेशन पर मानव तस्करी की बड़ी साजिश नाकाम: 9 नाबालिग बच्चे रेस्क्यू, तमिलनाडु और गुजरात भेजने की थी तैयारी

पश्चिमी सिंहभूम । चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर पुलिस और विभिन्न संस्थाओं की मुस्तैदी से मानव तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। गुरुवार देर रात चलाए गए एक संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन में 9 नाबालिग बच्चों को तस्करों के चंगुल से बचाया गया। इनमें 5 लड़कियां और 4 लड़के शामिल हैं।

आधी रात को चला रेस्क्यू ऑपरेशन
चक्रधरपुर थाना प्रभारी अवधेश कुमार के नेतृत्व में जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन, आरपीएफ, जीआरपी और सीडब्ल्यूसी (CWC) की संयुक्त टीम ने स्टेशन परिसर में छापेमारी की। संदेह के आधार पर जब बच्चों से पूछताछ की गई, तो तस्करी की परतें खुलने लगीं।

शुरुआती जांच में पता चला है कि 5 लड़कियों को तमिलनाडु और 4 लड़कों को गुजरात काम के बहाने भेजा जा रहा था। बच्चों को बेहतर कमाई और अच्छे काम का लालच देकर उनके घरों से लाया गया था। अधिकारियों को अंदेशा है कि इन्हें बंधुआ मजदूरी या घरेलू काम के दलदल में धकेला जा सकता था। रेस्क्यू के बाद बाल कल्याण समिति के आदेश पर लड़कों को ‘बाल कुंज’ और लड़कियों को ‘छाया बालिका गृह’ भेजा गया है। फिलहाल बच्चों की काउंसलिंग की जा रही है और पुलिस उन एजेंटों की तलाश में जुटी है जो बच्चों को स्टेशन तक लेकर आए थे।

प्रशासन की अपील:
जिला प्रशासन ने अपील की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में काम का लालच देकर बच्चों को बाहर ले जाने वाले संदिग्ध लोगों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। समय पर हुई इस कार्रवाई ने नौ मासूमों के भविष्य को अंधकार में जाने से बचा लिया।

“बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया है और उनके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। मानव तस्करी के इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस गहन जांच कर रही है।” — प्रशासनिक अधिकारी

Related Articles

नवीनतम लेख