39.6 C
Kolkata
Thursday, June 18, 2026

तृणमूल का सरकार पर गंभीर आरोप: ममता बनर्जी की सुरक्षा से हटाए गए 20 साल पुराने सुरक्षा कर्मी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था में अचानक हुए बड़े बदलाव को लेकर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। तृणमूल कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी की सुरक्षा में पिछले दो दशकों (20 वर्षों) से तैनात भरोसेमंद सरकारी सुरक्षा कर्मियों (PSO) को बिना किसी स्पष्ट कारण के हटा दिया गया है।

डेरेक ओ’ ब्रायन ने सोशल मीडिया पर उठाया मुद्दा

राज्यसभा में टीएमसी के नेता डेरेक ओ’ ब्रायन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर इस घटनाक्रम की जानकारी साझा करते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए:

  • अचानक हुआ बदलाव: उन्होंने बताया कि बुधवार शाम को जब धर्मतला से सुभाष मल्लिक स्क्वायर तक टीएमसी का मार्च निकाला जा रहा था, तब ममता बनर्जी के साथ उनके पुराने सुरक्षा कर्मी ही तैनात थे।

  • शाम 7:30 बजे की कार्रवाई: अचानक शाम करीब 7:30 बजे इन पुराने कर्मियों को ड्यूटी से हटा दिया गया और उनकी जगह बिल्कुल नए सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति कर दी गई।

  • 20 साल का भरोसा: ओ’ ब्रायन ने दावा किया कि हटाए गए पुलिसकर्मी पिछले 20 सालों से ममता बनर्जी की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे थे और उनके सुरक्षा घेरे को अच्छी तरह समझते थे।

कालीघाट आवास के बाहर खड़ी की गई अस्थायी दीवारें (‘व्यू कटर’)

सुरक्षा के इस घटनाक्रम के बीच एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दक्षिण कोलकाता के कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आवास के बाहर अस्थायी ‘व्यू कटर’ (दृश्य अवरोधक दीवारें) लगाई गई हैं।

  • उद्देश्य: सूत्रों के अनुसार, यह कदम सुरक्षा कारणों से उठाया गया है ताकि बाहर सड़क से कोई भी व्यक्ति सीधे आवास के भीतर होने वाली गतिविधियों पर नजर न रख सके।

  • किसने लिया फैसला: सचिवालय (नवान्न) के सूत्रों के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री के आवास की सुरक्षा ‘सुरक्षा निदेशालय’ के अधीन आती है और उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा के बाद ही यह अस्थायी ढांचा खड़ा करने का निर्णय लिया गया है।

टीएमसी ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण, सरकार की चुप्पी

इस पूरे मामले पर राज्य प्रशासन या सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या बयान जारी नहीं किया गया है। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस इसे राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण मान रही है। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वे इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।

Related Articles

नवीनतम लेख