कोलकाता। बहुचर्चित मेसी कार्यक्रम मामले में तीन बार पुलिस के नोटिसों की अनदेखी करने के बाद, आखिरकार पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास गुरुवार सुबह बिधाननगर दक्षिण थाने में पूछताछ के लिए उपस्थित हुए। वे सुबह लगभग 9:55 बजे थाने पहुंचे, जिसे इस मामले की जांच में एक बेहद महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
हाई कोर्ट के कड़े रुख के बाद हुए हाजिर
लगातार नोटिस भेजे जाने के बावजूद अरूप विश्वास के उपस्थित न होने पर यह मामला कलकत्ता उच्च न्यायालय (Calcutta High Court) पहुंचा था। न्यायालय ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिया था कि उन्हें पुलिस जांच में हर हाल में सहयोग करना होगा और निर्धारित तिथि पर उपस्थित होना अनिवार्य है।
क्या है पूरा मामला? (पृष्ठभूमि)
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13 दिसंबर 2025: कोलकाता के युवा भारती क्रीड़ांगन में फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान भारी अव्यवस्था फैली, जिसके बाद मुख्य आयोजकों में शामिल शतद्रु दत्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
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मंत्री की भूमिका पर सवाल: उस समय तत्कालीन खेल मंत्री अरूप विश्वास की भूमिका को लेकर भी कई सवाल उठे थे, लेकिन तब कोई बड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं हुई थी।
4 मई को सत्ता परिवर्तन के बाद बदला घटनाक्रम
पश्चिम बंगाल में 4 मई को हुए राजनीतिक परिवर्तन के बाद इस ठंडे पड़े मामले ने अचानक नया मोड़ ले लिया:
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इस प्रकरण में 38 दिन जेल में काट चुके आयोजक शतद्रु दत्त ने बिधाननगर दक्षिण थाने में पूर्व खेल मंत्री के खिलाफ एक नई शिकायत दर्ज कराई।
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शिकायत में अरूप विश्वास पर करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं (Financial Irregularities) और अपने पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए गए।
कोर्ट से मिला है सशर्त अंतरिम संरक्षण
शिकायत के बाद पुलिस ने जब उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया, तो वे विभिन्न कारणों का हवाला देकर बचते रहे, जिसके बाद मामला अदालत की दहलीज पर जा पहुंचा।
