रांची के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर के कपाट सोमवार तड़के सुबह 3:30 बजे मंगला आरती के साथ खुलेंगे। इसके बाद सुबह 4:00 बजे से श्रद्धालुओं के लिए जलाभिषेक और दर्शन शुरू हो जाएगा। श्रद्धालुओं की लंबी कतारों और भीड़ को देखते हुए इस बार मुख्य मंदिर के साथ-साथ विश्वनाथ मंदिर और महाकाल मंदिर में भी अरघा सिस्टम की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी अव्यवस्था के जलाभिषेक कर सकें।
मंदिर समिति के अनुसार दिनभर जलाभिषेक का क्रम जारी रहेगा। शाम को अरघा हटाने के बाद रात 9 बजे तक बाबा भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार दर्शन कराया जाएगा। पहली सोमवारी के अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और साफ-सफाई के साथ प्रकाश व्यवस्था को भी बेहतर बनाया गया है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर रांची पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं। पूरे शहर में 500 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि केवल पहाड़ी मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में 125 पुलिस अधिकारी एवं जवान सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। मंदिर परिसर, प्रवेश और निकास मार्ग, पार्किंग स्थल तथा संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी। सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के माध्यम से भी पूरे आयोजन पर नजर रखी जाएगी।
प्रशासन ने नामकुम स्थित स्वर्णरेखा नदी घाट से जल लेकर आने वाले कांवरियों की सुविधा के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। कांवर पथ और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहाड़ी मंदिर के आसपास कई मार्गों पर अस्थायी यातायात प्रतिबंध और ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। लोगों से प्रशासन द्वारा जारी यातायात निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
रांची के अन्य प्रमुख शिवालयों, चुटिया स्थित सुरेश्वर धाम, 21 महादेव धाम और अन्य मंदिरों में भी जलाभिषेक को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। स्वर्णरेखा नदी घाट की साफ-सफाई कर उसे पूरी तरह तैयार किया गया है। घाटों पर बैरिकेडिंग, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा और सफाईकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने स्वयं पहाड़ी मंदिर पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा पहली सोमवारी को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दर्शन और जलाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
श्रावण मास की पहली सोमवारी पर राजधानी के शिवालयों में सुबह से देर रात तक भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से शांतिपूर्वक दर्शन करने, निर्धारित मार्गों का उपयोग करने और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है। पूरे शहर में भक्ति, आस्था और उत्साह का माहौल देखने को मिलेगा, जहां शिवभक्त ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे।
