रामगढ़ | जिले के हेसला स्थित ‘झारखंड इस्पात प्लांट प्राइवेट लिमिटेड’ में सोमवार को हुए भीषण हादसे के बाद राज्य सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में है। इंडक्शन फर्नेस में हुए ब्लास्ट में 3 मजदूरों की मौत और 6 के गंभीर रूप से घायल होने की घटना पर श्रम एवं नियोजन मंत्री संजय यादव ने त्वरित कार्रवाई की है।
मुआवजा और आर्थिक सहायता
मंत्री संजय यादव ने रामगढ़ पहुंचकर शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की और उन्हें सहायता राशि सौंपी। कंपनी की ओर से प्रत्येक मृतक के आश्रित को 21-21 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। मंत्री ने अपने स्तर से भी प्रत्येक परिवार को 21-21 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी। फैक्ट्री प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि प्रभावित परिवारों को पेंशन और अन्य देय लाभ तत्काल सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी का खर्च भी सरकार प्राथमिकता पर वहन करेगी।
घायलों का मुफ्त इलाज और हाई लेवल जांच
इससे पहले मंत्री ने रांची के अस्पताल में भर्ती घायल मजदूरों का हालचाल जाना। उन्होंने स्पष्ट किया कि घायलों के इलाज का पूरा खर्च झारखंड सरकार उठाएगी। घटना की जांच के लिए विभागीय सचिव को एक हाई लेवल कमेटी गठित करने का निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने वाले प्रबंधन के अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा मानकों पर सख्ती
मंत्री ने लेबर सुपरिटेंडेंट और फैक्ट्री इंस्पेक्टर को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे समय-समय पर पीड़ित परिवारों से मिलें और प्लांट में सुरक्षा मानकों की नियमित जांच करें। मुआवजे की मांग को लेकर प्लांट गेट पर चल रहा धरना प्रदर्शन प्रशासन और सरकार के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गया है। इस दौरान स्थानीय विधायक और कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।

