जम्मू। जम्मू संभाग के पुंछ और राजौरी जिलों में भारी बारिश के बाद आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 12 लोग लापता हैं जिनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। खराब मौसम और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने लगातार दूसरे दिन भी श्री अमरनाथ यात्रा और मां वैष्णो देवी यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है।
पुंछ और राजौरी में मची भारी तबाही, 145 मकान क्षतिग्रस्त
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा में जम्मू संभाग के कुल 145 रिहायशी मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिनमें अकेले पुंछ में 93 और राजौरी में 42 घर शामिल हैं। पुंछ में 17 स्कूल और 24 पनचक्कियां बह गई हैं, जबकि कई इलाकों में मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप हो गया है। राजौरी में बेला बस स्टैंड और चिल्ड्रन्स पार्क का 90 फीसदी हिस्सा पानी में समा गया है, साथ ही 56 वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं और 300 से अधिक घरों में पेयजल आपूर्ति ठप है।
हाईवे और सड़कें ठप, 23 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
भूस्खलन के कारण चेनानी-नाशरी सुरंग के पास राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप है। उधमपुर-पंचेरी सहित कई मुख्य सड़कें भी मलबे की चपेट में आ गई हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रशासन को युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं। इस बीच, मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक रियासी, उधमपुर, रामबन, डोडा, किश्तवाड़, राजौरी और पुंछ सहित कई जिलों में भारी बारिश, अचानक बाढ़ और भूस्खलन का रेड अलर्ट जारी किया है।
