काठमांडू। नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के सांसद दीपक बोहोरा ने महाकाली सिंचाई परियोजना का पानी नेपाल की ओर छोड़े जाने के लिए भारत के साथ कूटनीतिक पहल करने की मांग की है। उनका कहना है कि परियोजना का पानी दोनों देशों के उपयोग के लिए निर्धारित होने के बावजूद प्रभावी पहल के अभाव में नेपाल को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
भारत से वार्ता और स्थानीय लोगों की चिंता उठाई
सांसद दीपक बोहोरा ने सरकार से विदेश मंत्रालय के माध्यम से भारत के साथ इस मुद्दे पर जल्द बातचीत शुरू करने की मांग की। उन्होंने बताया कि 48 किलोमीटर लंबी महाकाली सिंचाई परियोजना में अब तक करीब 30 किलोमीटर नहर का निर्माण पूरा हो चुका है।
बोहोरा ने आरोप लगाया कि जिस क्षेत्र कृष्णपुर-9 में नहर का निर्माण किया जा रहा है, वहां के स्थानीय लोगों से यह नहीं पूछा गया कि उन्हें इस नहर की आवश्यकता है या नहीं। उनका कहना है कि दो नदियों के बीच मात्र 10 मीटर की दूरी पर बनाई जा रही नहर के कारण हाल की बारिश में आसपास की बस्तियां जलमग्न हो गई थीं।
सरकार से परियोजना का उद्देश्य स्पष्ट करने की मांग
सांसद ने कहा कि स्थानीय निकाय ने संबंधित क्षेत्र को आवासीय क्षेत्र घोषित किया है, लेकिन इसके बावजूद वहां से नहर निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग नहर निर्माण का विरोध कर रहे हैं और सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इस परियोजना की वास्तविक आवश्यकता क्या है।
उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को आशंका है कि नहर निर्माण से सरकारी भूमि भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में सरकार को परियोजना के उद्देश्य, लाभ और इसकी आवश्यकता के बारे में स्थानीय लोगों को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।
