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Friday, July 10, 2026

राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026: पर्यटन निवेश से झारखंड को नई पहचान देने पर मंथन

नई दिल्ली। नई दिल्ली के ताज पैलेस होटल में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026 के दूसरे दिन “डेस्टिनेशन झारखंड : पर्यटन निवेश एवं समावेशी विकास को गति” विषय पर उच्चस्तरीय सत्र आयोजित हुआ। इसमें नीति-निर्माताओं, पर्यटन विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विकास साझेदारों ने झारखंड को देश के अग्रणी पर्यटन एवं निवेश गंतव्य के रूप में विकसित करने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की।

पर्यटन से बढ़ेगा निवेश और रोजगार

सत्र में बताया गया कि झारखंड तेजी से निवेश-उन्मुख पर्यटन राज्य के रूप में उभर रहा है। वर्ष 2024 में राज्य में 5.85 करोड़ पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया, जिनमें 4.40 करोड़ श्रद्धालु शामिल रहे। इसे राज्य की पर्यटन क्षमता का बड़ा संकेत बताया गया।

राज्य सरकार ने पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देकर निजी निवेश, संस्थागत वित्तपोषण और पर्यटन अवसंरचना के विकास के नए अवसर उपलब्ध कराए हैं। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ इको पर्यटन, वन्यजीव पर्यटन, साहसिक पर्यटन, जल क्रीड़ा, खनन पर्यटन और सामुदायिक जनजातीय पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

परिचर्चा में प्रस्तावित पर्यटन नीति-2026, होमस्टे नीति-2026, डिजिटल सिंगल विंडो पंजीकरण व्यवस्था और निवेशक-अनुकूल सुधारों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही प्रसाद और स्वदेश दर्शन योजनाओं के तहत पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने तथा नए पर्यटन स्थलों के विकास की जानकारी दी गई।

निजी निवेश के लिए आकर्षक अवसर

सरकार ने होटल, रिसॉर्ट, रोपवे, स्काईवॉक, फ्लोटिंग रेस्तरां, हाउसबोट, कैंपिंग साइट, जल क्रीड़ा और अनुभवात्मक पर्यटन परियोजनाओं में निजी निवेश के लिए आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज की जानकारी दी।

पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि झारखंड केवल अपनी खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी देशभर में पहचान बनाएगा।

उन्होंने कहा, “झारखंड ने पर्यटन के लिए अपने द्वार खोल दिए हैं और हम पूरे देश के पर्यटकों का हार्दिक स्वागत करते हैं।”

होमस्टे नीति पर उन्होंने कहा कि सामुदायिक पर्यटन बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित कर सकता है। “एक फाइव स्टार होटल करीब 200 लोगों को रोजगार देता है, जबकि 100 होमस्टे विकसित होने पर लगभग 500 लोगों की आजीविका सुनिश्चित की जा सकती है। हमारी नई होमस्टे नीति झारखंड को देश के अग्रणी होमस्टे गंतव्यों में शामिल करेगी।”

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार झारखंड की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

कार्यक्रम में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव, इरफान अंसारी और कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की भी उपस्थित रहीं।

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