रांची । उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 166 आरोपितों की जमानत याचिका पर बुधवार को अपर न्यायायुक्त योगेश की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
दरअसल, 11 अप्रैल को आयोजित उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान पेपर लीक होने के आरोप में पुलिस ने 166 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें अधिकांश परीक्षार्थी शामिल हैं। गिरफ्तारी के बाद सभी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।
मामले में पुलिस को 11 अप्रैल की रात सूचना मिली थी कि तमाड़ के रड़गांव स्थित एक अर्धनिर्मित भवन में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं और बड़ी संख्या में लोग जमा हैं। सूचना के आधार पर विशेष छापेमारी दल ने देर रात वहां छापा मारा। पुलिस टीम को देखते ही मौके पर मौजूद लोग भागने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर 166 लोगों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपितों में अंतरराज्यीय पेपर लीक और सॉल्वर गिरोह के पांच मुख्य सरगना अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद भी शामिल हैं। इसके अलावा सात महिला आरोपितों को भी हिरासत में लिया गया है।
जांच में सामने आया है कि गिरोह के एजेंटों ने अभ्यर्थियों को रड़गांव में ठहराया था और उन्हें संभावित प्रश्नों के उत्तर रटवाए जा रहे थे। इस दौरान अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड अपने कब्जे में रख लिए गए थे। बताया जा रहा है कि प्रत्येक अभ्यर्थी से लगभग 10 लाख रुपये में सौदा तय किया गया था। कुछ अभ्यर्थियों ने भुगतान के लिए बैंक चेक भी दिए थे।
इस मामले में तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। कुल आरोपितों में 152 पुरुष अभ्यर्थी, 7 महिला अभ्यर्थी, 5 मुख्य सरगना और अन्य शामिल हैं। सभी आरोपितों को 13 अप्रैल को अदालत में पेश किया गया था, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था। अब सभी की नजर अदालत के फैसले पर टिकी है।

