रायपुर, 19 जून। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आधिकारिक निवास पर गुरुवार देर रात सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संगठन के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण और मैराथन बैठक हुई। साढ़े चार घंटे से भी अधिक समय तक चली यह रणनीतिक बैठक देर रात करीब 2 बजे समाप्त हुई। बैठक में मुख्यमंत्री, कैबिनेट के सभी मंत्री और संगठन के शीर्ष पदाधिकारी शामिल हुए।
अजय जामवाल की अध्यक्षता में तालमेल पर मंथन
इस अहम बैठक की अध्यक्षता भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकार (सत्ता) और संगठन के बीच बेहतर तालमेल को और मजबूत करना था।
قابلِ गौर बात यह रही कि मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को अचानक रात 9 बजे मुख्यमंत्री निवास पहुंचने के निर्देश दिए थे, जिसके कारण कई मंत्रियों को अपने पहले से तय दौरे और कार्यक्रम बीच में ही रद्द करने पड़े।
मंत्रिमंडल में बदलाव की अटकलें पूरी तरह खारिज
बैठक के बाद मीडिया में चल रही मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए मंत्रियों ने स्थिति स्पष्ट की:
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रामविचार नेताम (कृषि मंत्री): “घबराने की कोई बात नहीं है, सभी सेफ हैं और पूरा छत्तीसगढ़ सेफ है।” उन्होंने कैबिनेट में किसी भी बदलाव की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया।
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विजय शर्मा (उप मुख्यमंत्री): “यह कोई पहली बैठक नहीं है। सत्ता और संगठन के बीच हर तीन महीने में ऐसी रूटीन समीक्षा बैठकें होती हैं। इस बैठक में फेरबदल को लेकर कोई बात नहीं हुई है।”
बैठक के मुख्य एजेंडे और मंत्रियों की जिम्मेदारी
बैठक के दौरान आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों, सरकारी योजनाओं और मंत्रियों की जवाबदेही को लेकर विस्तृत रणनीति बनाई गई:
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विभागीय कार्यों की समीक्षा: वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि बैठक में सभी मंत्रियों के विभागीय कामकाज और उनके प्रभार वाले क्षेत्रों के दौरों की प्रगति की समीक्षा की गई।
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दौरों की नई रणनीति: मंत्रियों और विधायकों को जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए उनके क्षेत्रों और प्रभार वाले जिलों में दौरों की नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
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मोदी सरकार के 12 वर्ष की उपलब्धियां: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों को जनता तक ले जाने के लिए आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है और नेताओं को इसकी कमान सौंपी गई है।
