मीरजापुर, 19 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विकासोन्मुखी नीतियों के चलते मीरजापुर जिला तेजी से औद्योगिक हब के रूप में उभर रहा है। कभी पिछड़े जिलों में शुमार होने वाला मीरजापुर अब निवेश और रोजगार का नया केंद्र बन चुका है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के माध्यम से जिले में आए निवेश प्रस्तावों के बाद अब तक 80 औद्योगिक इकाइयों ने व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भारी मजबूती मिल रही है।
1,734 करोड़ रुपये का निवेश और रोजगार की बहार
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र (DIC) के उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि इन 80 चालू हो चुकी इकाइयों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 1,734 करोड़ रुपये का जमीनी निवेश किया है।
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प्रत्यक्ष रोजगार: इन उद्योगों के संचालन से 5,238 युवाओं को सीधा रोजगार मिला है।
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अप्रत्यक्ष रोजगार: 10 हजार से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से आजीविका के साधन मिले हैं।
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पलायन पर रोक: इस औद्योगिक क्रांति से स्थानीय युवाओं का रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में होने वाला पलायन रुकेगा।
20 नई इकाइयां जल्द शुरू करेंगी उत्पादन
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत प्राप्त प्रस्तावों में से कुल 104 परियोजनाओं को ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC) के लिए चयनित किया गया था:
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80 इकाइयां: उत्पादन शुरू कर चुकी हैं।
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20 इकाइयां: वर्तमान में निर्माणाधीन हैं और जल्द ही शुरू होने वाली हैं।
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04 इकाइयां: स्थापना संबंधी शुरुआती प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं, निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।
भावी लक्ष्य: जब ये सभी 104 इकाइयां पूरी तरह से संचालित हो जाएंगी, तब जिले में लगभग 13,822 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।
मड़िहान में अडानी समूह का थर्मल पावर प्लांट: विकास का मील का पत्थर
मीरजापुर के औद्योगिक विकास को सबसे बड़ा बूस्ट मड़िहान क्षेत्र से मिलने वाला है। यहाँ अडानी समूह द्वारा लगभग 18,300 करोड़ रुपये की लागत से थर्मल पावर प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जिसके जल्द ही शुरू होने की संभावना है। यह मेगा प्रोजेक्ट न केवल भारी संख्या में रोजगार पैदा करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की बिजली आपूर्ति और ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में भी मील का पत्थर साबित होगा।
