नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने 1,109 करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और उत्तराखंड में छह स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई भुवनेश्वर स्थित मेसर्स गुप्ता पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ दर्ज मामले में की गई।
ऋण सुविधा लेने में हेराफेरी का आरोप
सीबीआई के अनुसार, कंपनी पर केनरा बैंक से फंड आधारित और गैर-फंड आधारित वित्तीय सुविधाएं प्राप्त करने के दौरान 1,109 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। जांच एजेंसी का दावा है कि कंपनी ने स्टॉक का मूल्य बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया, व्यापारिक देनदारियों को कृत्रिम रूप से बढ़ाया और वित्तीय विवरणों में हेराफेरी कर अधिक ऋण सुविधा हासिल की।
इसके अलावा ऋण राशि के दुरुपयोग, अन्य उद्देश्यों में इस्तेमाल और नए ऋण के जरिए पुराने ऋण को नियमित दर्शाकर बैंक को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है।
चार राज्यों में छह स्थानों पर कार्रवाई
सीबीआई ने विशेष सीबीआई न्यायाधीश, भुवनेश्वर से जारी तलाशी वारंट के आधार पर यह कार्रवाई की। जांच के दौरान ओडिशा के भुवनेश्वर में कंपनी के चार निदेशकों के आवास, पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित पंजीकृत कार्यालय तथा उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर, तमिलनाडु के तिरुवल्लूर और ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित कंपनी की तीन विनिर्माण इकाइयों में तलाशी ली गई।
जांच में मिले अहम दस्तावेज
सीबीआई के अनुसार, छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। एजेंसी मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
