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Monday, July 20, 2026

कोलकाता में कानून-व्यवस्था की समीक्षा, अमित शाह ने महिला सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा पर दिया जोर

कोलकाता। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान महिला सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा, पुलिस आधुनिकीकरण, साइबर सुरक्षा और सीमा क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता

बैठक में अमित शाह ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए राज्य में महिला जनसंपर्क कार्यक्रम शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से ग्रामीण महिलाओं के साथ नियमित संवाद स्थापित कर उन्हें जागरूक और सशक्त बनाने को कहा। साथ ही स्पष्ट किया कि इस संबंध में किसी भी सहायता के लिए राज्य सरकार सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय से संपर्क कर सकती है।

आंतरिक सुरक्षा मजबूत करने पर जोर

गृह मंत्री ने राज्य में विशेष जांच एजेंसी के गठन की दिशा में आवश्यक कदम उठाने पर बल दिया। यह एजेंसी मादक पदार्थ विरोधी विशेष बल, आतंकवाद निरोधक दस्ते और राष्ट्रीय जांच एजेंसी की तर्ज पर कार्य करेगी। बैठक में यह भी तय किया गया कि पश्चिम बंगाल से जुड़े सभी आतंकवाद और गैरकानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम से संबंधित मामलों की राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा गहन समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए गए।

पुलिस आधुनिकीकरण और भर्ती पर निर्देश

अमित शाह ने पश्चिम बंगाल पुलिस के आधुनिकीकरण, आधारभूत ढांचे के विकास और सेवा वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त बजटीय सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने पुलिस बल की संख्या राष्ट्रीय औसत के अनुरूप बढ़ाने, पुलिस जिलों के पुनर्गठन, रिक्त पदों पर समयबद्ध भर्ती, प्रशिक्षण व्यवस्था की समीक्षा तथा नागरिक स्वयंसेवकों पर निर्भरता कम कर आरक्षकों की भर्ती को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

साइबर सुरक्षा और बाढ़ प्रबंधन पर भी चर्चा

बैठक में पूर्व वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित सुरक्षा शिविरों के एक-तिहाई हिस्से को जन सुविधा केंद्रों में बदलने पर भी सहमति बनी, ताकि स्थानीय लोगों को सरकारी सेवाएं आसानी से मिल सकें। इसके अलावा साइबर सुरक्षा क्षमता बढ़ाने, मादक पदार्थों के खिलाफ नियमित समन्वय बैठकें आयोजित करने और कोलकाता के लिए व्यापक बाढ़ प्रबंधन योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। सभी संबंधित एजेंसियों को प्राथमिकता वाले कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने को कहा गया।

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