नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन देश की राजधानी दिल्ली में सड़क से लेकर सदन तक भारी हंगामा देखने को मिल रहा है. NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा बुलाए गए ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान जंतर-मंतर पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हो गई. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और आरपीएफ (RPF) के जवानों ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया और कई छात्र नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है. सुरक्षा के मद्देनजर नई दिल्ली जिले में धारा 163 के तहत निषेजाज्ञा लागू कर दी गई है.
बदरपुर बॉर्डर पर लगा भीषण जाम, पार्लियामेंट स्ट्रीट छावनी में तब्दील
सीजेपी के संसद मार्च के आह्वान को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सभी सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा का सख्त पहरा लगा दिया है. बदरपुर बॉर्डर पर फरीदाबाद की ओर से आने वाले वाहनों की सघन चेकिंग और बैरिकेडिंग के कारण लंबा जाम लग गया है. उधर, पार्लियामेंट स्ट्रीट पर सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भारी भीड़ को संबोधित किया, जिसके बाद क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल और रैपिड पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती कर दी गई है.
आइसा नेताओं ने 23 दिन बाद तोड़ा अनशन, सोनम वांगचुक की हालत स्थिर
जंतर-मंतर पर पिछले 23 दिनों से सोनम वांगचुक के साथ भूख हड़ताल पर बैठे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन छात्र पदाधिकारियों ने आज अपना अनशन समाप्त कर दिया. अभिनेता प्रकाश राज, शबाना आजमी और राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने उन्हें पानी पिलाकर अनशन खत्म कराया. वहीं, सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है. डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ मल्टीडिसिप्लिनरी टीम उनके स्वास्थ्य और रक्त जांच रिपोर्टों पर लगातार नजर रख रही है.
