रांची। 70वीं राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिता 2026-27 में झारखंड का प्रतिनिधित्व करने के लिए खिलाड़ियों के बीच चयन की कड़ी जंग शुरू हो गई है। राज्य स्तरीय खुली चयन प्रक्रिया के पहले दिन बुधवार को विभिन्न जिलों से पहुंचे 797 स्कूली खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, फिटनेस और खेल कौशल का जोरदार प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय स्तर पर राज्य की जर्सी पहनने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरे खिलाड़ियों ने चयनकर्ताओं के सामने खुद को साबित करने में पूरी ताकत झोंक दी। किसी ने कुश्ती के अखाड़े में दमखम दिखाया तो किसी ने तैराकी में रफ्तार का प्रदर्शन किया। वहीं योग और जिम्नास्टिक में खिलाड़ियों की लचक, संतुलन और शारीरिक क्षमता की परीक्षा हुई।
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद्, रांची की ओर से स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के अंतर्गत आयोजित इस चयन प्रक्रिया में पहले दिन नौ खेलों के खिलाड़ियों का परीक्षण किया गया। कुल 797 प्रतिभागियों में 479 बालक और 318 बालिका खिलाड़ी शामिल रहीं। राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिता में झारखंड की मजबूत टीम तैयार करने के उद्देश्य से खिलाड़ियों के खेल कौशल, तकनीकी दक्षता, फिटनेस, प्रदर्शन और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का बारीकी से आकलन किया गया।
योग में सबसे ज्यादा 178 खिलाड़ी
पहले दिन योग में सबसे अधिक 178 खिलाड़ियों ने चयन परीक्षण में हिस्सा लिया। इसके बाद कुश्ती फ्री स्टाइल में 167, बास्केटबॉल में 128, टेबल टेनिस में 91, तैराकी में 74, कुश्ती ग्रीको रोमन में 46, जिम्नास्टिक में 41, भारोत्तोलन में 37 और सॉफ्टबॉल में 35 खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई।
अलग-अलग खेल स्थलों पर आयोजित परीक्षण के दौरान खिलाड़ियों में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जगह बनाने को लेकर खासा उत्साह नजर आया। कुश्ती में खिलाड़ियों ने अपनी ताकत और तकनीक का प्रदर्शन किया, जबकि टेबल टेनिस में तेज रफ्तार और सटीक शॉट्स के जरिए चयनकर्ताओं का ध्यान खींचने की कोशिश की। योग और जिम्नास्टिक में संतुलन, लचक और शारीरिक नियंत्रण की परीक्षा हुई। भारोत्तोलन में खिलाड़ियों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया, वहीं तैराकी में गति और फिटनेस को परखा गया।
पारदर्शी तरीके से हो रहा चयन
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद् के कार्यक्रम पदाधिकारी धीर सेन सोरेंग ने बताया कि राज्य स्तरीय खुली चयन प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य राज्य की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को सामने लाना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित करने का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया निर्धारित मानकों के आधार पर पारदर्शी तरीके से की जा रही है। खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ उनकी तकनीकी दक्षता, फिटनेस और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का भी मूल्यांकन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न जिलों से खिलाड़ी चयन प्रक्रिया में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। चयनित खिलाड़ियों को आगे 70वीं राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिता में झारखंड का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा। ऐसे में यह प्रक्रिया खिलाड़ियों के लिए सिर्फ चयन परीक्षण नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
आज भी कई खेलों का चयन परीक्षण
चयन प्रक्रिया का अगला चरण 13 अगस्त को रांची के खेलगांव स्थित विभिन्न स्टेडियमों में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान बास्केटबॉल बालक, खो-खो, गतका, कुश्ती बालिका, नेटबॉल, सेपक टेकरा और बैडमिंटन बालक के खिलाड़ियों का चयन परीक्षण होगा।
इन खेलों के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेंगे। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर झारखंड की टीम तैयार की जाएगी, जो 70वीं राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिता में राज्य का प्रतिनिधित्व करेगी। इस चयन प्रक्रिया से स्कूली स्तर पर खेल प्रतिभाओं को पहचान मिलने और उन्हें राज्य से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की उम्मीद बढ़ी है।
