29 C
Kolkata
Thursday, August 13, 2026

अनशनकारी छात्रों से मिलीं कृषि मंत्री, बोलीं- संवाद से ही निकलेगा समाधान

रांची। जेपीएससी-जेएसएससी सहित प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच सरकार की ओर से संवाद की पहल जारी है। इसी क्रम में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने गुरुवार को रांची सदर अस्पताल पहुंचकर लगातार नौ दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे अनशनकारी छात्र देवेंद्र नाथ महतो से मुलाकात की। उन्होंने देवेंद्र नाथ महतो के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के साथ अस्पताल में इलाजरत अन्य अनशनकारी छात्रों से भी बातचीत की। छात्रों की लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को लेकर मंत्री ने चिंता जताई और उनकी मांगों तथा आंदोलन से जुड़े मुद्दों को विस्तार से समझने का प्रयास किया।

कृषि मंत्री ने अनशनकारी छात्रों से अलग-अलग बातचीत की और उनकी समस्याओं, मांगों तथा अब तक सरकार के साथ हुई बातचीत से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली। इस दौरान छात्रों ने उन्हें बताया कि सरकार के साथ बातचीत के लिए आंदोलनकारियों की ओर से गठित डेलीगेशन में अनशन पर बैठे छात्रों को शामिल नहीं किया गया था। छात्रों ने आंदोलन और बातचीत की प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य भी मंत्री के सामने रखे।

छात्रों की मांगों पर सरकार संवेदनशील : शिल्पी नेहा तिर्की

छात्रों से मुलाकात के बाद कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को रखने वाले छात्र-छात्राओं के साथ सरकार की पूरी सहानुभूति और संवेदना है। उन्होंने कहा कि छात्रों की अधिकांश मांगों पर सरकार पहले ही सकारात्मक पहल कर चुकी है और कई मांगों पर सहमति भी बनी है। शेष मांगों के समाधान को लेकर भी सरकार का रुख सकारात्मक है।

उन्होंने कहा कि छात्रों से बातचीत के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। इन सभी बिंदुओं से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अवगत कराया जाएगा, ताकि पूरे मामले को व्यापक रूप से समझकर आगे की कार्रवाई की जा सके।

टकराव नहीं, संवाद से समाधान पर जोर

कृषि मंत्री ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान टकराव के जरिए नहीं, बल्कि संवाद, संवेदना और सकारात्मक पहल से संभव है। सरकार के दरवाजे बातचीत के लिए हमेशा खुले हैं। उन्होंने कहा कि युवा और छात्र राज्य की सबसे बड़ी ताकत और भविष्य हैं। इसलिए उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों और समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना जाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता छात्रों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करना और बातचीत के जरिए ऐसा समाधान निकालना है, जो सभी पक्षों के हित में हो। इसके लिए सकारात्मक माहौल में संवाद को आगे बढ़ाना जरूरी है।

अनशनकारी छात्रों से स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील

मंत्री ने लगातार नौ दिनों से अनशन कर रहे छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जताई। उन्होंने छात्रों से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने और सकारात्मक संवाद के जरिए समाधान की प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखने की अपील की। अस्पताल में इलाजरत अन्य छात्रों से भी उन्होंने मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उनकी समस्याओं को सुना।

मंत्री की इस मुलाकात को आंदोलन के बीच सरकार और अनशनकारी छात्रों के बीच संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है। अब छात्रों की ओर से रखे गए मुद्दों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने के बाद सरकार की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

Related Articles

नवीनतम लेख