वॉशिंगटन । अमेरिका ने ईरान को दोटूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद संवेदनशील माने जाने वाले ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को केवल जहाजों के लिए पूरी तरह खोल देने भर से उस पर लगे कड़े आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंधों को समाप्त नहीं किया जाएगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि ईरान को यदि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से किसी भी प्रकार की राहत या ढील चाहिए, तो उसे सबसे पहले अपने विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम और उच्च स्तर पर किए जा रहे संवर्धित यूरेनियम (इनरिच्ड यूरेनियम) के निर्माण से जुड़े गंभीर मुद्दों पर वैश्विक ताकतों के साथ एक ठोस और पारदर्शी समझौता करना होगा।
अमेरिकी विदेश मंत्री बोले—प्रतिबंध हटाने का कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं
विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अमेरिकी सांसदों (कांग्रेस) के साथ हुई एक उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक में स्पष्ट किया कि वाशिंगटन की ओर से ऐसा कोई भी प्रस्ताव न तो तेहरान को दिया गया है और न ही भविष्य में ऐसी किसी कामचलाऊ व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है, जिसमें केवल समुद्री मार्ग खोलने के बदले प्रतिबंधों को हटाने की बात हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिकी प्रशासन का रुख इस मामले पर बेहद सख्त और साफ है। प्रतिबंधों में किसी भी प्रकार की रियायत तभी संभव होगी, जब ईरान अपनी उन तमाम संदिग्ध परमाणु और सैन्य गतिविधियों को पूरी तरह बंद कर दे, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय और खाड़ी देशों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंताएं पैदा हो रही हैं।
‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ रहा पूरी तरह सफल, ईरानी नौसेना को पहुँचा भारी नुकसान
इसी बैठक के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री ने ईरान के सैन्य ठिकानों के खिलाफ अमेरिका और इजराइल द्वारा हाल ही में चलाए गए संयुक्त सैन्य अभियान को भी बेहद कामयाब और ऐतिहासिक बताया। उन्होंने आधिकारिक तौर पर खुलासा किया कि इस संयुक्त सैन्य कार्रवाई को “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” का नाम दिया गया था, जिसने जमीन और समुद्र के भीतर अपने सभी प्रमुख रणनीतिक सैन्य लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल किया है। रूबियो ने दावा किया कि इस ऑपरेशन के जरिए ईरान के आंतरिक रक्षा ढांचे और विशेष रूप से उसकी नौसैनिक क्षमताओं को इतनी गंभीर क्षति पहुँची है कि उसे दोबारा उबरने में लंबा वक्त लगेगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान के राजनीतिक परिणामों को लेकर अलग-अलग मत हो सकते हैं, लेकिन विशुद्ध सैन्य दृष्टिकोण से यह पूरी तरह अपने उद्देश्यों को पूरा करने में सफल रहा है।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की लाइफलाइन है होर्मुज जलडमरूमध्य, व्यापारिक मार्ग पर तनाव बरकरार
अमेरिकी प्रशासन की ओर से यह तीखा और सख्त बयान ऐसे समय में आया है जब पूरे पश्चिम एशिया में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर आपात बैठकें चल रही हैं। भौगोलिक दृष्टिकोण से होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति (क्रूड ऑयल और गैस) के लिए सबसे महत्वपूर्ण और संकरा समुद्री जलमार्ग माना जाता है, क्योंकि खाड़ी देशों से दुनिया के बड़े हिस्से को होने वाले कुल कच्चे तेल का एक बहुत बड़ा निर्यात इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। ईरान द्वारा इस मार्ग पर नियंत्रण करने या इसे बाधित करने की धमकियों के बीच अमेरिका और इजराइल ने अपनी सैन्य मौजूदगी और नाकेबंदी को अत्यंत कड़ा कर दिया है।
