सूरत । गुजरात के सूरत स्थित नए सिविल अस्पताल में मरीजों से कथित रूप से अवैध वसूली और भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। अस्पताल की केसबारी (पंजीकरण काउंटर) पर कार्यरत आउटसोर्सिंग एजेंसी के एक कंप्यूटर ऑपरेटर का मरीजों से पर्ची काटने के नाम पर 20 रुपये की अवैध वसूली करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था। वीडियो के जरिए मामला संज्ञान में आते ही अस्पताल प्रबंधन तुरंत हरकत में आया और आरोपित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से नौकरी से सेवामुक्त (बर्खास्त) कर दिया गया है।
मेडिकल सुपरिटेंडेंट की अध्यक्षता में आपात बैठक, भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’
मामले की संवेदनशीलता और अस्पताल की छवि धूमिल होने की गंभीरता को देखते हुए नई सिविल अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. पारुल वडगामा की अध्यक्षता में एक तत्काल आपात समीक्षा बैठक बुलाई गई। चिकित्सा अधीक्षक के कक्ष में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में आरएमओ डॉ. केतन नायक, इंचार्ज नर्सिंग सुपरिटेंडेंट इकबाल कड़ीवाला सहित विभिन्न आउटसोर्सिंग एजेंसियों के ठेकेदार, सुपरवाइजर, डेटा ऑपरेटर और सुरक्षा अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक में प्रशासन ने भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ अपनी “जीरो टॉलरेंस” नीति को दोहराते हुए साफ किया कि मरीजों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गरीब मरीजों से सम्मानजनक व्यवहार के निर्देश, लापरवाही पर मिलेगी कड़ी सजा
डॉ. पारुल वडगामा ने अस्पताल के सभी काउंटरों पर तैनात डेटा ऑपरेटरों और फ्रंटलाइन कर्मचारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सुदूर क्षेत्रों से आने वाले गरीब, असहाय और जरूरतमंद मरीजों के साथ हमेशा सम्मानजनक, संवेदनशील और सौहार्दपूर्ण व्यवहार किया जाए। मरीजों का डिजिटल पंजीकरण करते समय उनकी सभी व्यक्तिगत और स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां पूरी सावधानी व शुद्धता के साथ सिस्टम में दर्ज की जाएं तथा शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की मानवीय लापरवाही या लेटलतीफी न बरती जाए।
सुपरवाइजर करेंगे औचक निरीक्षण, पारदर्शिता बनाए रखने की कवायद तेज
अस्पताल प्रशासन ने सभी आउटसोर्सिंग एजेंसियों के सुपरवाइजरों और प्रबंधकों को जिम्मेदारी सौंपते हुए प्रतिदिन केसबारी काउंटरों का औचक (सरप्राइज) निरीक्षण करने और अपने अधीन काम करने वाले कर्मचारियों की दैनिक कार्यप्रणाली पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने दोटूक लहजे में चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि किसी भी नियमित या संविदा कर्मचारी के खिलाफ रिश्वतखोरी, अवैध वसूली या मरीजों के परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार की तनिक भी शिकायत मिलती है, तो उसके खिलाफ सीधी पुलिसिया और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
