रांची । झारखंड की स्वास्थ्य सेवाएं अब ‘हाई-टेक’ होने जा रही हैं। राज्य सरकार ने चिकित्सा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल की तैयारी पूरी कर ली है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत झारखंड का स्वास्थ्य विभाग विश्व की दिग्गज टेक कंपनी गूगल (Google LLC) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) करने जा रहा है।
बीमारियों की सटीक पहचान और तेज इलाज
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शनिवार को जानकारी दी कि एआई तकनीक के आने से सरकारी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों की कार्यप्रणाली पूरी तरह बदल जाएगी। एआई की मदद से बीमारियों की शुरुआती पहचान और जांच रिपोर्ट तैयार करने में सटीकता आएगी। लैब टेस्ट और डेटा प्रबंधन की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक तेज होगी। सुदूर गांवों में बैठे मरीजों को भी तकनीक के जरिए बेहतर परामर्श और उपचार मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री की विजनरी पहल
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य ढांचे को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर रही है। एआई का उपयोग केवल इलाज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह अस्पतालों में संसाधनों की निगरानी, दवाओं के स्टॉक और मरीजों के डिजिटल रिकॉर्ड के प्रबंधन में भी पारदर्शिता लाएगा।
डॉक्टरों को मिलेगा ‘डिजिटल’ साथ
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एआई तकनीक डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के लिए एक सहायक (Assistant) की तरह काम करेगी। इससे डॉक्टरों पर कार्य का दबाव कम होगा और वे मरीजों की देखभाल पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
“झारखंड को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का हब बनाना हमारा लक्ष्य है। गूगल के साथ यह साझेदारी राज्य के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।” — डॉ. इरफान अंसारी, स्वास्थ्य मंत्री

