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Sunday, August 9, 2026

झारखंड सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता समाप्त, 10 अगस्त के विधानसभा मार्च पर पुनर्विचार के संकेत

रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र-युवाओं और राज्य सरकार के बीच शुक्रवार को अहम वार्ता हुई। स्टेट गेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार के मंत्रियों के पैनल ने छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत की। बैठक के बाद छात्र नेताओं ने वार्ता को सकारात्मक बताते हुए कहा कि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से सुना है।

मंत्रियों के पैनल ने सुनी छात्रों की मांगें

छात्र प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करने के लिए गठित पैनल में झामुमो के चमरा लिंडा और सुदिव्य कुमार सोनू, कांग्रेस की दीपिका पांडेय सिंह तथा राजद के संजय शामिल थे। बैठक के दौरान छात्रों ने जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, जांच प्रक्रिया और भर्ती संबंधी मुद्दों पर अपना पक्ष रखा।

वार्ता के बाद छात्र नेता रवीन्द्र पासवान ने कहा कि यह पहली बैठक थी और माहौल पूरी तरह सकारात्मक रहा। उन्होंने कहा कि सभी के साथ बैठकर ऐसा लगा जैसे परिवार के बीच बातचीत हो रही हो। उन्हें भरोसा है कि सरकार, मुख्यमंत्री और सभी मंत्री उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेंगे।

10 अगस्त के विधानसभा मार्च पर जल्द होगा निर्णय

छात्र आंदोलन की कोर कमेटी के एक सदस्य ने कहा कि सरकार के साथ हुई बातचीत सकारात्मक रही है और अब उन्हें ठोस भरोसे का इंतजार है। उन्होंने कहा कि मंत्री उनकी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे और जल्द ही अगली बैठक होगी। तब तक विरोध मार्च और आंदोलन जारी रहेगा। यदि सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिलता है, तो 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा मार्च को लेकर दोबारा विचार किया जा सकता है।

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