भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित चार दिवसीय ब्रिक्स संस्कृति सम्मेलन-2026 का आज तीसरा दिन है। आज ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्री भोपाल पहुंचेंगे, जबकि शाम को रविन्द्र भवन में ‘ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव 2026’ का आयोजन होगा।
कार्यक्रम की शुरुआत “सर्वे भवन्तु सुखिनः” के आह्वान से होगी। इसके बाद “कलर्स ऑफ इंडियन म्यूजिक” के माध्यम से हिंदुस्तानी और कर्नाटक शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति दी जाएगी। महोत्सव का प्रमुख आकर्षण “ब्रिक्स पीस सॉन्ग – पीस इज द लैंग्वेज ऑफ द लैंड” होगा, जिसमें ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों की संगीतमय परंपराओं का संगम देखने को मिलेगा।
इसके अलावा “पीस टू ऑल, हार्मनी टू ऑल” और “क्रेस्केंडो ऑफ यूनिटी” जैसी भव्य ऑर्केस्ट्रा प्रस्तुतियां भी आयोजित की जाएंगी। महोत्सव का समापन “अमृतस्य मध्य प्रदेश– एक अलौकिक सांस्कृतिक महायात्रा” की विशेष प्रस्तुति से होगा। विख्यात नृत्य निर्देशक मैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन में 125 से अधिक कलाकार मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को मंच पर जीवंत करेंगे।
इस प्रस्तुति में भीमबेटका, सांची, खजुराहो, चित्रकूट, उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, चंदेरी, ग्वालियर, ओरछा और मांडू की सांस्कृतिक धरोहर के साथ जनजातीय लोकनृत्यों की झलक भी दिखाई जाएगी। कार्यक्रम में सिंहस्थ कुंभ 2028 का सांस्कृतिक संदेश भी दिया जाएगा। महोत्सव के समापन के बाद मध्य प्रदेश सरकार की ओर से रात्रिभोज का आयोजन होगा।
शनिवार को भारत की अध्यक्षता में तीसरी ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी। इसमें सांस्कृतिक विरासत, संग्रहालय, रचनात्मक अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी। बैठक के अंत में ‘ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की घोषणा’ जारी की जाएगी।
बैठक के बाद सभी प्रतिनिधि यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची का भ्रमण करेंगे। यहां वे बुद्ध जंबूदीप और सांची स्तूप का अवलोकन करेंगे, चेतियागिरी मंदिर में दर्शन करेंगे तथा योग एवं ध्यान सत्र में भाग लेंगे। शाम को बौद्ध इतिहास और कला पर आधारित त्रिआयामी प्रक्षेपण और प्रकाश एवं ध्वनि कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा।
