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Friday, August 7, 2026

प्रधानमंत्री मोदी ने साझा किया सुभाषित, सज्जन व्यक्ति की तुलना चंद्रमा से की

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार सुबह अपने सामाजिक माध्यम एक्स पर एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए सज्जन व्यक्ति के स्वभाव की तुलना चंद्रमा से की। उन्होंने बताया कि सच्चा परोपकार बिना किसी स्वार्थ या प्रतिफल की अपेक्षा के किया जाता है।

प्रधानमंत्री ने साझा किए गए श्लोक में कहा कि जिस प्रकार चंद्रमा किसी प्रतिफल की इच्छा के बिना अपनी किरणों से कुमुदिनी को प्रकाशित करता है, उसी प्रकार उदार और श्रेष्ठ हृदय वाले लोग बिना किसी अपेक्षा के दूसरों का कल्याण करते हैं। परोपकार उनके स्वभाव का अभिन्न हिस्सा होता है।

प्रधानमंत्री की पोस्ट में इस श्लोक का अर्थ भी साझा किया गया है, जिसमें कहा गया है कि महान और उदार व्यक्ति निस्वार्थ भाव से दूसरों की सहायता करते हैं, क्योंकि परोपकार उनके जीवन का स्वाभाविक गुण है।

यह सुभाषित संस्कृत के महान कवि भवभूति से संबद्ध माना जाता है। इसका उल्लेख रसिकलक्षण (रसिकजीवन), शाङ्गधरपद्धति और सुभाषितरत्नभाण्डागार जैसे ग्रंथों में मिलता है।

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