तेहरान। ईरान के केशम द्वीप के आसपास हुए धमाकों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इसी बीच ईरान की संसद में ऐसे प्रस्तावित विधेयक पर चर्चा हुई है, जिसमें अमेरिका और इजराइल जैसे देशों के जहाजों के होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने पर प्रतिबंध लगाने और उल्लंघन की स्थिति में जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने अमेरिका पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वाशिंगटन एक ओर सैन्य दबाव बनाता है और दूसरी ओर कूटनीतिक बातचीत की बात करता है। वहीं, ईरान के खुफिया मंत्रालय ने किरमान प्रांत में इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए काम करने के आरोप में 21 लोगों की गिरफ्तारी का दावा किया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, गुरुवार रात होर्मोजगन प्रांत के केशम द्वीप के निकट दो धमाकों की आवाज सुनी गई। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि विस्फोटों के कारणों की जांच की जा रही है और अभी आधिकारिक रूप से किसी वजह की पुष्टि नहीं की गई है।
इस बीच, ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सामान्य करने को लेकर बातचीत जारी है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत आने और जाने वाले जहाजों के लिए अलग-अलग समुद्री मार्ग निर्धारित किए जाने की योजना है। हालांकि, इस व्यवस्था को लागू करने से पहले ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की मंजूरी आवश्यक होगी।
सूत्रों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थों के जरिए संपर्क बना हुआ है और तनाव कम करने के प्रयास जारी हैं। वहीं, तेहरान में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, इसलिए यहां की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।
