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Thursday, July 9, 2026

मोरहाबादी बाजार के दुकानदारों का नगर निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन

रांची। मोरहाबादी बाजार के सैकड़ों दुकानदारों ने बुधवार को रांची नगर निगम की ओर से चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के विरोध में नगर निगम कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान दुकानदारों ने सड़क पर सब्जियां सजाकर विरोध जताया और मोरहाबादी बाजार के लिए स्थायी व वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की।

पुनर्वास से पहले कार्रवाई नहीं करने की मांग

प्रदर्शनकारी दुकानदारों का कहना है कि वर्ष 2014 में फुटपाथ दुकानदारों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए नियम बनाए गए थे, लेकिन एक दशक बीत जाने के बाद भी उनके लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई। उनका आरोप है कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर केवल गरीब और फुटपाथ दुकानदारों पर कार्रवाई की जाती है, जबकि पुनर्वास के लिए कोई ठोस पहल नहीं होती।

दुकानदारों ने बताया कि वे प्रतिदिन दुकान लगाने में पांच से छह हजार रुपये तक खर्च करते हैं। बार-बार चलने वाले अतिक्रमण हटाओ अभियान से उनका सामान और पूंजी दोनों का नुकसान होता है, जिससे आजीविका पर संकट गहरा गया है। उनका कहना है कि मोरहाबादी बाजार से हजारों परिवारों का रोजगार जुड़ा है और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बाजार हटाना अन्यायपूर्ण है।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि नगर निगम भवन जनता के कर के पैसे से बना है, इसलिए निगम को फुटपाथ दुकानदारों की समस्याओं का समाधान भी करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि अतिक्रमण हटाने से पहले वैकल्पिक बाजार स्थल उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसी का रोजगार प्रभावित न हो।

दुकानदारों का कहना है कि मेयर ने पहले वैकल्पिक व्यवस्था का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने प्रशासन से जल्द अपने वादे को पूरा करने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक मोरहाबादी बाजार के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन शांतिपूर्ण और कानूनसम्मत तरीके से जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि सम्मानजनक पुनर्वास और रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

उल्लेखनीय है कि रांची नगर निगम ने तीन जुलाई से मोरहाबादी बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया है। निगम के अनुसार अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त कर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना है। इसी कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में दुकानदार बुधवार को नगर निगम कार्यालय पहुंचकर धरने पर बैठ गए।

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