नई दिल्ली। देश की राजधानी में शहरी ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नई और आधुनिक दिशा देने के लिए बुधवार को केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों और बिजली मंत्री मनोहर लाल ने केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर दिल्ली मेट्रो के सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर के कार्य का आधिकारिक शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक मौके पर आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव और डीएमआरसी (DMRC) के चेयरमैन के. श्रीनिवास सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
‘ट्रिपल इंटरचेंज’ स्टेशन बनेगा केंद्रीय सचिवालय
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस नए कॉरिडोर का निर्माण मौजूदा मैजेंटा लाइन (जनकपुरी वेस्ट से आरके आश्रम मार्ग) के विस्तार के तौर पर फेज V(A) के तहत किया जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद केंद्रीय सचिवालय स्टेशन एक ‘ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन’ में तब्दील हो जाएगा, जो नई मैजेंटा लाइन को मौजूदा येलो लाइन और वॉयलेट लाइन से सीधे जोड़ेगा। इस इंटरचेंज सुविधा से लुटियंस जोन, मुख्य प्रशासनिक क्षेत्रों और सरकारी दफ्तरों में आने-जाने वाले हजारों कर्मचारियों और आम नागरिकों को सीधा फायदा पहुंचेगा।
9.9 किमी लंबा होगा कॉरिडोर, बनेंगे 9 अंडरग्राउंड स्टेशन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नागरिक-केंद्रित इंफ्रास्ट्रक्चर विजन से प्रेरित यह प्रोजेक्ट दिल्ली के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील इलाकों को आपस में जोड़ेगा। इस नए कॉरिडोर की कुल लंबाई 9.913 किलोमीटर होगी, जिसके अंतर्गत पूरी तरह 9 अंडरग्राउंड (भूमिगत) स्टेशन बनाए जाएंगे:
-
शिवाजी स्टेडियम
-
युगे-युगीन भारत
-
केंद्रीय सचिवालय
-
कर्तव्य भवन
-
इंडिया गेट
-
वॉर मेमोरियल-हाई कोर्ट
-
बड़ौदा हाउस
-
भारत मंडपम
-
इंद्रप्रस्थ
राष्ट्रीय स्मारकों और प्रशासनिक केंद्रों तक पहुंचेगी सीधी मेट्रो
इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय महत्व के स्थलों तक आम जनमानस की पहुंच को सुगम और समय की बचत करने वाला बनाना है। यह कॉरिडोर चालू होने से कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, नेशनल वॉर मेमोरियल, सुप्रीम कोर्ट, प्रमुख न्यायिक संस्थानों और कन्वेंशन सेंटरों तक की राह बेहद आसान हो जाएगी। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रमुख मेट्रो लाइनों के साथ इस बेहतर इंटीग्रेशन से राजधानी में यात्रा अधिक कुशल बनेगी और पूरे मेट्रो नेटवर्क की क्षमता में अभूतपूर्व सुधार होगा।
