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Wednesday, June 24, 2026

सोना पप्पू मामला: ईडी का बड़ा एक्शन, पूर्व DC शांतनु सिन्हा के करीबी पुलिस अफसरों और परिवार को समन

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में जमीन कब्जाने, रंगदारी और अवैध धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) से जुड़े कुख्यात ‘सोना पप्पू मामले’ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने अब कोलकाता पुलिस के पूर्व उपायुक्त (DC) शांतनु सिन्हा विश्वास के करीबी माने जाने वाले तीन पुलिस अधिकारियों को पूछताछ के लिए समन जारी किया है, जिनमें दक्षिण कोलकाता में तैनात एक उपनिरीक्षक (SI) भी शामिल हैं। इसके अलावा, कसबा के व्यवसायी विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू की पत्नी सोमा और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को भी इसी सप्ताह ईडी दफ्तर में पेश होने का निर्देश दिया गया है।

1.5 करोड़ का संदिग्ध लेनदेन और हथियार का कनेक्शन

ईडी की जांच में सोना पप्पू, उनकी पत्नी की कंपनी और बेहाला के व्यवसायी जय कामदार के बीच करीब 1.5 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का खुलासा हुआ है। हालांकि, जय कामदार का दावा है कि यह रकम उन्होंने व्यावसायिक जरूरतों के लिए ऋण (लोन) के रूप में ली थी। इसके अलावा, तलाशी के दौरान सोना पप्पू के घर से 7 मिलीमीटर की एक पिस्तौल बरामद हुई थी, जिसे जनवरी में उसकी पत्नी के नाम पर खरीदा गया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि यह हथियार जय कामदार की कंपनी द्वारा ही बेचा गया था। इस सिलसिले में सोना पप्पू की पत्नी ने पहले किसी भी जानकारी होने से इनकार किया था, जिससे पूछताछ में और कड़ाई बरती जा रही है।

मुख्य आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में

इस मामले में शामिल प्रमुख कड़ियां पहले ही केंद्रीय एजेंसी के शिकंजे में आ चुकी हैं:

  • शांतनु सिन्हा विश्वास: कालीघाट थाने के पूर्व प्रभारी और पूर्व डीसी, जिन्हें पहले बालू तस्करी मामले में लुक-आउट सर्कुलर जारी होने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इनके फर्न रोड स्थित आवास पर छापेमारी के बाद इनके दो बेटों (सायंतन और मनीष) को भी तलब किया गया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए।

  • सोना पप्पू (विश्वजीत पोद्दार): दक्षिण कोलकाता के बालीगंज निवासी व्यवसायी, जिस पर जमीन कब्जाने और आर्म्स एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। पिछले महीने लंबी पूछताछ के बाद इन्हें गिरफ्तार किया गया था।

  • जय कामदार: बेहाला के व्यवसायी, जिन पर सोना पप्पू को अवैध रूप से हथियार सप्लाई करने और वित्तीय हेरफेर का आरोप है।

वर्तमान में शांतनु सिन्हा विश्वास, जय कामदार और सोना पप्पू तीनों ही न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी अब पुलिस अधिकारियों और परिवार के सदस्यों से आमना-सामना कराकर इस पूरे मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क और रसूखदारों के साथ इनके संपर्कों का पूरी तरह पर्दाफाश करने की तैयारी में है।

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