चंडीगढ़। पुलिस कर्मचारियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को पंजाब अनुसूचित जाति आयोग ने एक अनोखी धार्मिक सजा सुनाई है। बुधवार को आयोग के समक्ष पेश हुए केंद्रीय मंत्री को पंजाब के चार प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जाकर माथा टेकने और आशीर्वाद लेने का आदेश दिया गया है। रवनीत बिट्टू अपने वकीलों के साथ आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी के सामने पेश हुए थे, जहां उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी।
तनावपूर्ण माहौल में भावुक होकर निकले शब्द: बिट्टू
आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने माना कि उनके द्वारा कहे गए शब्द कानूनी तौर पर पूरी तरह गलत थे। घटना का संदर्भ देते हुए उन्होंने बताया कि संगरूर में एक एसपी रैंक के अधिकारी और बाद में धूरी में एक एसएचओ ने उनकी गाड़ी के आगे वाहन अड़ाकर रास्ता रोका था। बिट्टू ने आरोप लगाया कि इस दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा उनके साथ बदतमीजी की गई, जिससे वे बेहद आहत हुए। उन्होंने कहा कि उस समय हालात काफी तनावपूर्ण थे और पुलिस के इस बर्ताव के कारण वे भावुक हो गए थे। उन्होंने साफ किया कि यदि उस माहौल में उनके मुंह से कोई आपत्तिजनक शब्द निकले, तो उसके लिए वे मीडिया के सामने पहले ही क्षमा मांग चुके हैं।
