इंदौर । मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPIDC) और डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस प्रोडक्शन द्वारा आज मंगलवार को “रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भर” कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य देश को रक्षा उत्पादों (डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग) के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और इसमें बड़ी औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ एमएसएमई (MSME), स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों और औद्योगिक संगठनों की भागीदारी तय करना है।
उद्योग जगत और सरकार के बीच होगा सीधा संवाद
जनसंपर्क अधिकारी महिपाल अजय ने बताया कि यह कार्यशाला इंदौर के अतुल्य आईटी पार्क स्थित एमपीआईडीसी के क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित की जा रही है। इसमें भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उन उद्योगों और उद्यमियों से सीधा संवाद करेंगे, जो या तो रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में काम कर रहे हैं या फिर ऐसे उत्पादों को तैयार कर रहे हैं जिनका उपयोग रक्षा संबंधी कार्यों में किया जा सकता है।
निवेश, रोजगार और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
इस कार्यशाला में पारंपरिक विनिर्माण के तरीकों के साथ-साथ नए नवाचारों (इन्नोवेशंस), अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी और पुरानी विनिर्माण पद्धतियों को बदलने के लिए जरूरी सुझाव भी आमंत्रित किए जाएंगे। इस पहल के जरिए प्रदेश की औद्योगिक इकाइयां सीधे डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस प्रोडक्शन से जुड़ सकेंगी। इससे मध्य प्रदेश में रक्षा विनिर्माण के नए रास्ते खुलेंगे, जिससे निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कार्यक्रम में हिस्सा लेने के इच्छुक उद्योग, उद्यमी, स्टार्टअप्स और संस्थान ‘इन्वेस्ट एमपी पोर्टल’ (Invest MP Portal) पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा विभाग द्वारा जारी क्यूआर कोड के माध्यम से भी सीधे रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है।
