अबू धाबी । संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर बीते 17 मई को हुए ड्रोन हमले की दुनिया भर में कड़ी निंदा हो रही है। इराक के हथियारबंद गुटों द्वारा किए गए इस हमले को लेकर अब एक बड़ी वैश्विक चेतावनी जारी की गई है। दुनिया के कई प्रमुख देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताते हुए परमाणु केंद्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा के लिए एकजुट हुई दुनिया
गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अरब जगत के इस पहले वाणिज्यिक परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हुए हमले के खिलाफ यूएई, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, जापान, सऊदी अरब और पाकिस्तान समेत दुनिया के 70 से अधिक देशों और यूरोपीय संघ (EU) ने एक साझा बयान जारी किया है। इन देशों ने पर्यावरण और मानवीय खतरों के प्रति आगाह करते हुए अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी में परमाणु सुविधाओं के शांतिपूर्ण और सुरक्षित संचालन का पुरजोर समर्थन किया है।
संयुक्त बयान: अंतरराष्ट्रीय शांति और संप्रभुता पर हमला
वैश्विक मंच पर जारी किए गए इस संयुक्त बयान में कहा गया है, “हम 17 मई 2026 को संयंत्र के अंदरूनी हिस्से के बाहर इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर किए गए ड्रोन हमले की कड़ी निंदा करते हैं। यह हमला संयुक्त राष्ट्र (यूएन) चार्टर समेत अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है, जो वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करता है।”
बयान में यूएई के खिलाफ होने वाले ऐसे सभी हमलों को तुरंत रोकने की मांग की गई है। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के तहत संयुक्त अरब अमीरात की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति पूरी एकजुटता व्यक्त की गई है।
