वाराणसी । उत्तर प्रदेश के वाराणसी (काशी) जिला अंतर्गत राजघाट क्षेत्र में एक बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। यहाँ करीब दो सौ साल पुरानी ऐतिहासिक अजगैब शहीद मस्जिद को मंगलवार की आधी रात को भारी सुरक्षा बलों की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर पूरी तरह से ढहा दिया गया। बुधवार की सुबह जब स्थानीय लोग और नमाजी वहां पहुंचे, तो उन्हें मस्जिद के स्थान पर केवल मलबे का ढेर देखने को मिला। रेलवे प्रशासन के अनुसार, इस विवादित और अधिग्रहित भूमि को पूरी तरह साफ कराकर काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और नये मॉडल स्टेशन की महत्वपूर्ण परियोजना के लिए उपयोग किया जाएगा।
पांच बुलडोजरों से ढहाई गई 42 फीट ऊंची मस्जिद, आधी रात को हुई गुप्त कार्रवाई
सुरक्षा और संवेदनशीलता को देखते हुए इस पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) काशी जोन गौरव बंसवाल ने बुधवार सुबह घटना की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि राजघाट स्थित अजगैब शहीद मस्जिद के चारों तरफ कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले ही कड़ी बेरिकेडिंग कर दी गई थी। एहतियात के रूप में देर रात पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। इसके बाद रेलवे प्रशासन की ओर से मंगाए गए पांच बड़े बुलडोजरों ने एक साथ काम शुरू किया और कुछ ही घंटों में करीब 42 फीट ऊंची मस्जिद की संरचना को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया।
मौके पर पीएसी और पुलिस के एक हजार जवान तैनात, आला अधिकारी कर रहे हैं कैंप
मस्जिद को ढहाए जाने के बाद किसी भी प्रकार के संभावित विरोध-प्रदर्शन, सांप्रदायिक तनाव या कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। वर्तमान में भी घटनास्थल और उसके आस-पास के संवेदनशील चौराहों पर पुलिस और पीएसी (प्रादेशिक आर्म्स कांस्टेबुलरी) के करीब एक हजार जवानों को तैनात रखा गया है। देर रात हुई इस पूरी कार्रवाई की कमान खुद एडीसीपी वैभव बांगर और एसीपी विजय प्रताप जैसे वरिष्ठ अधिकारी संभाले हुए थे, जो अभी भी स्थिति पर बारीक नजर बनाए हुए हैं।
रेलवे मॉडल स्टेशन परियोजना के लिए मलबे को हटाने का काम जारी
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में रेलवे के इंजीनियरों और कर्मचारियों की देखरेख में भारी मशीनों के जरिए मौके से मलबे को तेजी से हटाने और जमीन को समतल करने का काम युद्धस्तर पर जारी है। काशी रेलवे स्टेशन को आधुनिक और विश्वस्तरीय मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए इस भूखंड की अत्यंत आवश्यकता थी, जिसके लिए यह पूरी विधिक और प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। शहर में शांति व्यवस्था पूरी तरह कायम है और पुलिस प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है ताकि कोई अफवाह न फैल सके।
