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Monday, May 18, 2026

ग्लोबल मार्केट में हड़कंप: ट्रंप की चेतावनी के बाद दुनिया भर के बाजारों में भारी गिरावट, एशिया भी लाल निशान में

नई दिल्ली । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ एक बार फिर सैन्य कार्रवाई (मिलिट्री एक्शन) शुरू करने की चेतावनी देने के बाद दुनिया भर के शेयर बाजारों में तनाव का माहौल है। इस भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव के कारण अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसका असर आज एशियाई बाजारों पर भी साफ दिख रहा है। हर तरफ बिकवाली का दबाव बना हुआ है।

ट्रंप की किस चेतावनी से डरा बाजार?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि ईरान के साथ शांति समझौता न होने की स्थिति में दोबारा सख्त मिलिट्री एक्शन शुरू किया जा सकता है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका एक सकारात्मक डील चाहता है, लेकिन अगर कोई सही प्रस्ताव नहीं मिला, तो ईरान के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में युद्ध की आशंका गहरा गई है, जिससे निवेशकों में डर का माहौल है।

अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में बड़ी गिरावट
इसी डर की वजह से पिछले सत्र में अमेरिकी बाजार टूटकर बंद हुए। एस एंड पी 500 इंडेक्स 92.74 अंक (1.24 प्रतिशत) टूट कर 7,408.50 के स्तर पर बंद हुआ। नैस्डेक 410.08 अंक (1.54 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 26,225.14 के स्तर पर रहा। डाउ जॉन्स फ्यूचर्स भी आज 407.80 अंक (0.83 प्रतिशत) की कमजोरी के साथ 49,118.37 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

यूरोपीय बाजारों का भी यही हाल रहा। एफटीएससी (FTSE) इंडेक्स 1.74 प्रतिशत गिरकर 10,195.37 पर बंद हुआ। सीएसी (CAC) इंडेक्स 1.63 प्रतिशत फिसलकर 7,952.55 पर आ गया। डीएएक्स (DAX) इंडेक्स में सबसे ज्यादा 2.11 प्रतिशत की गिरावट रही और यह 23,950.57 के स्तर पर बंद हुआ।

एशियाई बाजारों में मची चौतरफा बिकवाली
वैश्विक संकेतों के कारण आज एशियाई बाजारों में भी लगातार दबाव देखा जा रहा है। एशिया के प्रमुख 9 बाजारों में से 8 गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।
गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty): 160 अंक (0.67 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 23,548 के स्तर पर है, जो भारतीय बाजार के लिए भी कमजोर शुरुआत के संकेत हैं।
जकार्ता कंपोजिट: इसमें सबसे बड़ी गिरावट देखी जा रही है, यह सूचकांक 4.02 प्रतिशत लुढ़क कर 6,453.07 अंक पर आ गया है।
हैंग सेंग और ताईवान वेटेड: हैंग सेंग 1.68 प्रतिशत और ताईवान वेटेड 1.22 प्रतिशत फिसल चुके हैं।
निक्केई और शंघाई: जापान का निक्केई इंडेक्स 1.10 प्रतिशत और शंघाई कंपोजिट 0.34 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहे हैं।

इकलौती राहत: एशिया के बाजारों में सिर्फ दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स ही एकमात्र ऐसा सूचकांक है जो 0.25 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ हरे निशान में बना हुआ है।

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