पूर्वी सिंहभूम । बहरागोड़ा के पूर्व विधायक और कद्दावर नेता कुणाल षाड़ंगी ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए दुनिया की सबसे ऊंची चोटी, माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप (EBC) तक की रोमांचक यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की है। मंगलवार को उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी इस साहसिक यात्रा के अनुभवों को साझा किया।
शारीरिक ताकत से ज्यादा मानसिक दृढ़ता की परीक्षा
कुणाल षाड़ंगी ने बताया कि समुद्र तल से हजारों फीट की ऊंचाई पर स्थित एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचना उनके जीवन की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक था। इस यात्रा के दौरान उन्हें कई बाधाओं का सामना करना पड़ा:
शून्य से नीचे तापमान: कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं के बीच ट्रेकिंग।
ऑक्सीजन की कमी: ऊंचाई पर सांस लेने में होने वाली भारी कठिनाई।
दुर्गम रास्ते: बर्फ से ढके पथरीले और फिसलन भरे रास्तों पर निरंतर चढ़ाई।
युवाओं के लिए प्रेरणा: “चुनौतियों से न डरें”
अपनी इस सफलता पर कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि यह ट्रेक केवल एक शारीरिक यात्रा नहीं थी, बल्कि खुद को पहचानने और सीमाओं को लांघने का एक जरिया था। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा “अगर आपका संकल्प मजबूत और लक्ष्य स्पष्ट है, तो कोई भी बाधा आपको रोक नहीं सकती। जीवन में नए अनुभवों को अपनाएं और चुनौतियों का डटकर सामना करना सीखें।”
कुणाल षाड़ंगी की इस उपलब्धि की क्षेत्र में काफी प्रशंसा हो रही है। लोग इसे राजनीतिक जीवन के साथ-साथ व्यक्तिगत दृढ़ता का एक शानदार उदाहरण मान रहे हैं।

