नई दिल्ली| भारतीय महिला कुश्ती की स्टार और अनुभवी पहलवान विनेश फोगाट ने अपने चिर-परिचित जुझारूपन और अनुभव का लोहा मनवाते हुए एशियन गेम्स चयन ट्रायल्स के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। शनिवार को खेले गए एक बेहद हाई-वोल्टेज और सांसें रोक देने वाले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में विनेश ने आक्रामक खेल दिखा रही युवा पहलवान निशु को कड़े संघर्ष के बाद पटखनी दी। इस जीत के साथ ही विनेश ने आगामी एशियाई खेलों के लिए अपनी दावेदारी को मजबूती से बरकरार रखा है।
शुरुआती झटके के बाद विनेश का पलटवार, 5-0 से पिछड़ने के बाद जीता मैच
ट्रायल्स के अपने पहले मुकाबले में विनेश ने ज्योति को 7-1 से आसानी से शिकस्त दी थी, लेकिन क्वार्टर फाइनल में निशु ने उन्हें नाको चने चबवा दिए। मुकाबले की शुरुआत में निशु ने आक्रामक रुख अपनाते हुए पहले पीरियड में चार अंकों का शानदार थ्रो लगाया और विनेश पर 5-0 की मनोवैज्ञानिक बढ़त बना ली। एक समय ऐसा लगा कि निशु, विनेश को चित (पिन) कर देंगी, लेकिन अनुभवी विनेश ने खुद को संभाल लिया। दूसरे पीरियड में विनेश ने शानदार वापसी करते हुए चार अंकों का दांव लगाया और निशु को मैट पर ला पटका। मैच के आखिरी पलों में स्कोर 6-6 की बराबरी पर था, लेकिन बेहतर मानदंड (हाईएस्ट स्कोरिंग मूव क्राइटेरिया) के आधार पर विनेश को विजेता घोषित किया गया। हार से निराश निशु मैच के बाद मैट पर ही रोने लगीं।
सेमीफाइनल में मीनाक्षी से होगा सामना, अंतिम पंघाल ने भी दिखाया दम
सेमीफाइनल में अब विनेश फोगाट का सामना मीनाक्षी गोयत से होगा, जिन्होंने हाल ही में एशियन चैंपियनशिप ट्रायल्स के दौरान अंतिम पंघाल को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। दूसरी ओर, स्टार पहलवान अंतिम पंघाल ने भी ट्रायल्स में तूफानी शुरुआत की है। अंतिम ने अपने पहले मुकाबले में महज 34 सेकंड के भीतर तन्नू को तकनीकी श्रेष्ठता (Technical Superiority) के आधार पर धूल चटाई। इसके बाद उन्होंने मानसी को भी शिकस्त देकर सेमीफाइनल का टिकट कटाया। अब फैंस की नजरें विनेश और अंतिम के बीच संभावित फाइनल भिड़ंत पर टिकी हैं।
सुबह हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा, आखिरकार 53 KG वर्ग में खेलने की मिली अनुमति
मुकाबले शुरू होने से पहले शनिवार सुबह खेल के मैदान पर भारी प्रशासनिक ड्रामा देखने को मिला। आधिकारिक वजन माप (वेट-इन) के समय भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने विनेश को केवल 50 किलोग्राम वर्ग में खेलने की बात कही थी, क्योंकि उन्होंने पेरिस ओलंपिक समेत हालिया इंटरनेशनल टूर्नामेंट्स में इसी कैटेगरी में हिस्सा लिया था।
विनेश ने महासंघ के इस फैसले का पुरजोर विरोध किया और इसे अपने खिलाफ भेदभाव बताया। विनेश का तर्क था कि वे अपने करियर में 53 किलोग्राम वर्ग में भी लगातार खेलती रही हैं और इसी वर्ग में ट्रायल देना उनका अधिकार है। विनेश के कड़े रुख के आगे झुकते हुए महासंघ ने आखिरकार अपना फैसला बदला और उन्हें 53 किलोग्राम वर्ग में उतरने की मंजूरी दी। गौरतलब है कि इन ट्रायल्स को जीतने वाली पहलवान को आगामी एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा।
