सोनप्रयाग–गौरीकुंड मार्ग पर तीन जगहों पर आया मलबा; प्रशासन, NDRF और SDRF की तत्परता से टला बड़ा हादसा
केदारनाथ । केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर मंगलवार रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद सोनप्रयाग–गौरीकुंड मार्ग के तीन प्रमुख स्थानों पर अचानक भूस्खलन (Landslide) हो गया। इस घटना से यात्रा मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया और वहाँ अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, जिला प्रशासन, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी के चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया और हज़ारों श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल लिया गया।
रातभर चला रेस्क्यू, वॉर रूम से रखी गई नजर
जैसे ही मार्ग पर भारी मलबा आने और आवागमन ठप होने की सूचना मिली, प्रशासन तुरंत एक्शन में आ गया:
लाइव मॉनिटरिंग: जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने खुद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कंट्रोल रूम से स्थिति की लाइव निगरानी की और राहत व बचाव कार्य को तेज करने के निर्देश दिए।
चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू: भारी बारिश और मलबे के बीच राहत टीमों ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया। रेस्क्यू टीमों ने महज़ 30 मिनट के भीतर पैदल मार्ग को आंशिक रूप से सुचारु कर दिया, जिससे फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।
मार्ग दोबारा खुला: रातभर चले इस सघन अभियान के बाद, सुबह जेसीबी (JCB) मशीनों की मदद से मलबे को पूरी तरह हटाकर रास्ते को वाहनों के लिए दोबारा खोल दिया गया है।
अब तक 6.94 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में 19 मई तक 6.94 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। इस भूस्खलन के बाद फिलहाल यात्रा को बेहद नियंत्रित ढंग से संचालित किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम विभाग के अनुमानों को देखते हुए पल-पल की स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।

