पूर्वी सिंहभूम । जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र स्थित नगर परिषद बाजार में यूनिक कलेक्शन कपड़ा दुकान पर हुई फायरिंग मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए मनीष सिंह गैंग से जुड़े छह अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के पास से घटना में इस्तेमाल की गई कार, चार अवैध देसी पिस्तौल, पांच जिंदा कारतूस, तीन खाली मैगजीन, एक खोखा और छह एंड्रायड मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
मामले का खुलासा बुधवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नगर पुलिस अधीक्षक (सीटी एसपी) ललित मीणा ने किया। उन्होंने बताया कि घटना को रंगदारी और इलाके में दहशत फैलाने के उद्देश्य से अंजाम दिया गया था।
सिटी एसपी ने बताया कि 15 मई को कुछ अपराधी वैगनआर कार से जुगसलाई पहुंचे थे। आरोपितों ने यूनिक कलेक्शन कपड़ा दुकान पर अंधाधुंध फायरिंग की थी ताकि इलाके में भय का माहौल बनाया जा सके और गैंग का वर्चस्व कायम हो सके।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि दुकान संचालक से रंगदारी की मांग की गई थी और रकम नहीं देने पर इस वारदात को अंजाम दिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी और व्यापारियों में भय का माहौल बन गया था।
घटना के बाद जुगसलाई थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक विधि-व्यवस्था तौकीर आलम के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने मामले की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपितों की पहचान की। लगातार निगरानी और छापेमारी के बाद 19 मई को शहर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल सभी छह अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपितों में अभिषेक श्रीवास्तव उर्फ आर्यन, राहुल कुमार उर्फ राहुल सिंह उर्फ बड़कू, हरप्रीत सिंह भामराह उर्फ हैप्पी, राहुल सिंह उर्फ गेटलू, अंकित सोनकर उर्फ अंकित खटीक और बानेश्वर नामता शामिल हैं।
पुलिस पूछताछ में सभी आरोपितों ने मनीष सिंह गिरोह से जुड़े होने और फायरिंग की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अपराधियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। बानेश्वर नामता के खिलाफ चांडिल, चौका, आरआईटी, अड़सा और तिरुलडीह थाना क्षेत्रों में हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं अंकित सोनकर के खिलाफ बर्मामाइंस और टेल्को थाना में पूर्व से आपराधिक मामले दर्ज हैं। राहुल उर्फ बड़कू और हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी के खिलाफ भी गोलमुरी थाना में कई मामले दर्ज बताए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार अपराधी लंबे समय से संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे और इलाके में रंगदारी, धमकी तथा वर्चस्व कायम करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे थे।
अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल डेटा से गैंग के अन्य सदस्यों और आपराधिक नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
इस पूरे अभियान में डीएसपी तौकीर आलम, जुगसलाई थाना प्रभारी गुलाम रब्बानी खां, सब-इंस्पेक्टर धनंजय कुमार सिंह, आलोक कुमार, संतोष कुमार यादव, विवेक कुमार पंडित, एएसआई दिलीप कुमार यादव, हवलदार वासुदेव महतो तथा गृह रक्षक चालक बिहारी कुमार मिश्रा और जवान सलमान अख्तर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

