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Saturday, July 4, 2026

तृणमूल में बढ़ी हलचल, प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने दिया इस्तीफा

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी राजनीतिक हलचल के बीच प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को पत्र भेजकर पद छोड़ने की जानकारी दी। साथ ही पार्टी और उसकी विभिन्न इकाइयों के बैंक खातों की हस्ताक्षरकर्ता तथा निर्वाचन आयोग के समक्ष पार्टी का प्रतिनिधित्व करने समेत सभी प्रशासनिक जिम्मेदारियों से मुक्त करने का अनुरोध किया है।

विश्वसनीयता पर सवाल का दिया हवाला

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, चंद्रिमा भट्टाचार्य के पुत्र सौरभ बसु के हाल ही में ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट में शामिल होने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। इसी घटनाक्रम के बीच उनका इस्तीफा सामने आया है।

इस्तीफे के बाद मीडिया से बातचीत में चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि उन्हें किसी व्यक्ति या नेता से कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ परिस्थितियों के कारण उनकी विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगा है और इसी वजह से उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया। भविष्य में तृणमूल कांग्रेस में बने रहने के सवाल पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि यदि किसी की विश्वसनीयता पर सवाल उठ जाए तो उसी पद पर दोबारा लौटना उचित नहीं माना जा सकता।

बागी गुट और तृणमूल नेताओं की प्रतिक्रिया

बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि पार्टी की पुरानी कार्यशैली अब बदल चुकी है और इसी कारण कई नेता मौजूदा व्यवस्था का हिस्सा नहीं रहना चाहते।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा कि उन्होंने अभी तक इस्तीफे का पत्र नहीं देखा है। ऐसे में पत्र देखे बिना इस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

एक महीने पहले ही मिली थी जिम्मेदारी

चंद्रिमा भट्टाचार्य को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में माना जाता है। वह राज्य सरकार में वित्त और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। पार्टी में अंदरूनी खींचतान के बीच तीन जून को उन्हें तृणमूल कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन करीब एक महीने के भीतर ही उन्होंने पद छोड़ दिया।

उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट द्वारा तृणमूल कांग्रेस के एक पार्टी कार्यालय पर कब्जे का मामला सामने आया था। इस पर ममता बनर्जी की टिप्पणी के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, इन अटकलों की पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

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