जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के बाड़मेर जिले के पचपदरा में देश की पहली ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स राष्ट्र को समर्पित किया। इसके साथ ही उन्होंने जयपुर मेट्रो फेज-2 समेत करीब 1.05 लाख करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने एलपीजी टैंकरों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और राजकीय सेवा में नवनियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे।
रिफाइनरी से बढ़ेगा रोजगार और ऊर्जा आत्मनिर्भरता
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण दुनिया गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रही है, लेकिन भारत ने समय रहते सही रणनीति अपनाकर इस चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया। उन्होंने कहा कि बाड़मेर रिफाइनरी देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है और इससे राजस्थान में हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार केवल परियोजनाओं का शिलान्यास नहीं करती, बल्कि उन्हें समय पर पूरा भी करती है। उन्होंने हाल के हादसे के बावजूद रिफाइनरी का कार्य तेजी से पूरा करने को समर्पण और परिश्रम का उदाहरण बताया।
रिफाइनरी का निरीक्षण, श्रमिकों से संवाद और पौधारोपण
कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री ने रिफाइनरी के मुख्य नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण कर शोधन प्रक्रिया, तकनीक और उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने युवा कर्मियों और श्रमिकों से बातचीत की तथा उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।
प्रधानमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रिफाइनरी परिसर में खेजड़ी का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
