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Tuesday, June 2, 2026

तृणमूल पार्षद तरुण चक्रवर्ती गिरफ्तार: आवास से भारी मात्रा में सरकारी तिरपाल बरामद, बढ़ेगी जांच की आंच

पश्चिम बर्दवान । पश्चिम बंगाल के आसनसोल नगर निगम के वार्ड संख्या 87 से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पार्षद तरुण चक्रवर्ती को सोमवार देर रात स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर राज्य सरकार की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के तहत अत्यंत गरीब और जरूरतमंद लोगों के बीच वितरित की जाने वाली राहत सामग्री में कथित रूप से भारी अनियमितता बरतने और बड़े घोटाले को अंजाम देने का गंभीर आरोप है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से ही पूरे बर्दवान और आसनसोल क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी अचानक तेज हो गई है।

गरीबों के हक का तिरपाल घर में छिपाने का आरोप

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रशासन को काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं कि सरकार द्वारा भेजी गई राहत सामग्री पात्र लाभार्थियों तक पहुँचने के बजाय गायब की जा रही है। इन खुफिया इनपुट्स और लिखित शिकायतों के आधार पर जब पुलिस की विशेष टीम ने प्रारंभिक साक्ष्य जुटाकर छापेमारी की, तो पार्षद तरुण चक्रवर्ती के आवास से भारी मात्रा में सरकारी तिरपाल बरामद किए गए। ये सभी तिरपाल सरकारी तंत्र की ओर से प्राकृतिक आपदा या अन्य संकटों के समय जरूरतमंदों को बांटने के लिए आवंटित किए गए थे, जिन्हें अवैध रूप से छिपाकर रखा गया था।

कोयला, बालू और जमीन सिंडिकेट में भूमिका की भी होगी जांच

इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों का शिकंजा पार्षद पर और कसने वाला है। आसनसोल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, राहत सामग्री घोटाले के साथ-साथ अब तरुण चक्रवर्ती की क्षेत्र में सक्रिय अवैध कोयला खनन, बालू के अवैध उठाव और विवादित जमीन कारोबार (सिंडिकेट) में कथित संदिग्ध भूमिका की भी गहराई से जांच की जाएगी। पुलिस अब पार्षद के विभिन्न बैंक खातों, व्यावसायिक संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े संबंधित दस्तावेजों समेत अन्य सभी कानूनी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल कर रही है।

विपक्ष ने की निष्पक्ष जांच की मांग, टीएमसी ने साधी चुप्पी

पार्षद की इस तरह रात के अंधेरे में हुई नाटकीय गिरफ्तारी के बाद विपक्षी दलों ने स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। भाजपा और अन्य विपक्षी संगठनों ने इस मामले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और व्यापक समयबद्ध जांच कराने की मांग की है, ताकि इस सिंडिकेट के पीछे छुपे अन्य बड़े चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके। दूसरी तरफ, अपनी ही पार्टी के पार्षद पर लगे इन गंभीर आरोपों और गिरफ्तारी को लेकर तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान सामने नहीं आया है।

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