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Tuesday, June 2, 2026

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बड़ा निर्देश, विद्यार्थियों को पारंपरिक साइकिल की जगह मिलेगी ई-साइकिल; अस्पतालों में बनेगा स्पेशल हेल्प डेस्क

रांची| झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शिक्षा और कल्याण के क्षेत्र में जागरूकता व सुविधाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। उन्होंने कहा है कि राज्य के विद्यालयों में विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और जनगणना से संबंधित आवश्यक जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री का मानना है कि विद्यार्थियों को इन विषयों के प्रति जागरूक कर उन्हें समाज में सूचना के वाहक के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे वे अपने परिवार और समुदाय को भी इन महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक कर सकें। इसके लिए विद्यालय स्तर पर कार्यशालाएं, जागरूकता सत्र और विशेष अभियान संचालित करने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री सोमवार को झारखंड मंत्रालय में कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।

इस समीक्षात्मक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ई-कल्याण पोर्टल, प्री-मैट्रिक व पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति और मरांग गोमके पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना जैसी कई अहम योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधा संवाद स्थापित किया और उनके अनुभवों व आय की स्थिति की जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने गढ़वा, देवघर और साहिबगंज जिलों में बने अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों की संचालन व्यवस्था को उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि विद्यार्थियों को एक बेहतर और सकारात्मक शैक्षणिक माहौल मिल सके।

बैठक में साइकिल वितरण योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक बेहद आधुनिक और व्यावहारिक निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बदलते समय को देखते हुए अब विद्यार्थियों को पारंपरिक साइकिल के स्थान पर ई-साइकिल उपलब्ध कराने के लिए कल्याण, स्कूली शिक्षा और उद्योग विभाग मिलकर एक समन्वित कार्ययोजना तैयार करें। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि राज्य के सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल पहुंचना एक बड़ी चुनौती होती है, ऐसे में ई-साइकिल मिलने से उनकी उपस्थिति सुधरेगी और पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि रिम्स सहित राज्य के सभी जिला अस्पतालों में अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के मरीजों के लिए विशेष हेल्प डेस्क बनाए जाएं ताकि जरूरतमंदों को इलाज में आसानी हो। इस बैठक में विभागीय मंत्रियों सहित मुख्य सचिव अविनाश कुमार और कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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