सहरसा । ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण एवं वित्तीय समावेशन को नई दिशा देने के उद्देश्य से मंगलवार को सहरसा के एक निजी होटल में जीविका एवं बिहार ग्रामीण बैंक के संयुक्त तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई ।
बैठक में ऋण वितरण, ऋण अदायगी की स्थिति, लंबित बैंकिंग मामलों के त्वरित निष्पादन, आगामी व्यावसायिक अवसरों तथा स्वयं सहायता समूहों के विस्तार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक की अध्यक्षता जिला परियोजना प्रबंधक श्लोक कुमार, बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत झा ने की। इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक, सुपौल, जिले के सभी प्रखंड परियोजना प्रबंधक, वित्तीय समावेशन नोडल, जिला एफआई टीम के सदस्य, बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री अजीत झा, शाखा प्रबंधकगण एवं प्रशासनिक स्तर से अपर जिला पदाधिकारी उपस्थित रहे ।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जीविका दीदियों को समय पर बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना, बैंकिंग से संबंधित लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करना तथा जीविका एवं बैंक अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था ।जिला परियोजना प्रबंधक श्लोक कुमार ने निर्देश दिया कि जीविका से जुड़े सभी लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन किया जाए तथा बचत खाता खोलने, ऋण संपर्क से जुड़े खातों को सक्रिय करने एवं स्वयं सहायता समूहों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिएv। उन्होंने कहा कि दीदियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में बैंकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसके लिए सभी संबंधित पक्षों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा।बैठक के दौरान सभी प्रखंड परियोजना प्रबंधकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित बैंकिंग मामलों की जानकारी साझा की ।
बैंक अधिकारियों ने इन समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया । साथ ही वर्ष 2024–25 के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर बीपीएम एवं एफआई नोडल के सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया ।बैठक के अंत में सभी प्रतिभागियों ने वित्तीय समावेशन को और मजबूत बनाने, नए स्वयं सहायता समूहों के विस्तार तथा ग्रामीण महिलाओं के लिए नए व्यवसायिक अवसर विकसित करने हेतु संयुक्त रूप से कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई ।
