29.8 C
Kolkata
Thursday, July 2, 2026

ई-मोबिलिटी का लक्ष्य केवल तकनीक बदलना नहीं, सतत औद्योगिक इकोसिस्टम बनाना: भूपेंद्र यादव

नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का उद्देश्य केवल पारंपरिक वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहन लाना नहीं, बल्कि ऐसा सतत औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करना है जो विनिर्माण को मजबूत करे, हरित रोजगार सृजित करे और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को गति दे।

हरित विकास और सर्कुलर इकोनॉमी पर जोर

एसोचैम के राष्ट्रीय सम्मेलन ‘इलेक्ट्रिक मोबिलिटी: बिल्डिंग इंडिया एन इलेक्ट्रिक मोबिलिटी हब फॉर विकसित भारत’ को संबोधित करते हुए भूपेंद्र यादव ने कहा कि ई-मोबिलिटी के विस्तार के लिए हरित विकास, मजबूत बुनियादी ढांचा, पारदर्शी शासन और सर्कुलर इकोनॉमी को प्राथमिकता देना आवश्यक है। इससे दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित की जा सकेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार ने पर्यावरणीय मंजूरियों की प्रक्रिया को सरल बनाने, परिवेश पोर्टल के माध्यम से अनुमोदन प्रणाली को डिजिटल करने, अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को तर्कसंगत बनाने और पर्यावरण संरक्षण के साथ कारोबार सुगमता बढ़ाने के लिए कई सुधार किए हैं।

स्थानीय विनिर्माण और चार्जिंग नेटवर्क होंगे अहम

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत को ‘टेक-मेक-डिस्पोज’ मॉडल से आगे बढ़कर पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण और संसाधनों के सतत प्रबंधन पर आधारित सर्कुलर इकोनॉमी अपनानी होगी। उन्होंने मजबूत चार्जिंग नेटवर्क, उन्नत स्थानीय विनिर्माण, महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति शृंखला, बैटरी रीसाइक्लिंग और संसाधन दक्षता को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की सफलता के लिए जरूरी बताया।

सम्मेलन में नीति निर्माताओं, उद्योग जगत, ऑटोमोबाइल कंपनियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत निरंतरता, चार्जिंग अवसंरचना के विस्तार, स्थानीय विनिर्माण, बैटरी आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने, वित्तीय सहायता और तकनीकी नवाचार पर भी विस्तार से चर्चा की।

Related Articles

नवीनतम लेख