29.8 C
Kolkata
Thursday, July 2, 2026

भारत-जापान ने आर्थिक सुरक्षा रोडमैप को दी मंजूरी, 100 खरब येन निवेश और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग पर सहमति

नई दिल्ली। भारत और जापान ने आर्थिक सुरक्षा को नई मजबूती देने के लिए संयुक्त रोडमैप को मंजूरी दी है। इसके तहत दोनों देश सेमीकंडक्टर, क्वांटम प्रौद्योगिकी, उन्नत सामग्री और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने के लिए अगले वर्षों में 100 खरब येन के निवेश के लक्ष्य पर काम करेंगे। साथ ही भारत में एक हजार बायोगैस एवं जैविक खाद संयंत्र स्थापित करने पर भी सहमति बनी है।

मोदी-ताकाइची वार्ता में कई अहम समझौते

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के बीच नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान करीब दो घंटे तक वार्ता हुई। बैठक के बाद दोनों देशों के बीच भूगर्भीय खनिजों की खोज, फार्मास्युटिकल्स एवं मेडिकल उपकरण, बैटरी निर्माण तथा बायोगैस एवं जैविक खाद संयंत्रों की स्थापना सहित चार समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर संयुक्त वक्तव्य जारी किया और रक्षा क्षेत्र में पहली संयुक्त विकास परियोजना पर भी सहमति जताई।

100 खरब येन निवेश और जापानी कंपनियों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जापान की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं तथा दोनों देशों के संबंध आपसी विश्वास पर आधारित हैं। उन्होंने बताया कि अगले 10 वर्षों में भारत जापान से 100 खरब येन निवेश आकर्षित करने और देश में कार्यरत जापानी कंपनियों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि आर्थिक सुरक्षा रोडमैप के तहत सेमीकंडक्टर, क्वांटम तकनीक और उन्नत सामग्री जैसे क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखला को अधिक मजबूत और लचीला बनाया जाएगा। ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में भारत-जापान बायोगैस पहल के माध्यम से देश में एक हजार बायोगैस एवं जैविक खाद संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गोवर्धन पहल को भी मजबूती मिलेगी।

एआई, रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा में बढ़ेगा सहयोग

प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। जापान की तकनीकी क्षमता और भारत की सॉफ्टवेयर विशेषज्ञता वैश्विक एआई विकास को नई दिशा देगी। इसके अलावा बैटरी, ग्रीन हाइड्रोजन, परमाणु ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में सहयोग को भी विस्तार दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में भारत और जापान के बीच लगभग 120 नए व्यावसायिक समझौते हुए हैं, जिनसे भारत में 10 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश आने की संभावना है।

मुक्त और सुरक्षित हिंद-प्रशांत पर दोनों देशों की सहमति

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत और जापान के बीच रणनीतिक, आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और निवेश बढ़ाने पर दोनों देशों की सहमति की जानकारी दी।

ताकाइची ने कहा कि दोनों देश समुद्री सुरक्षा सहयोग का विस्तार करेंगे, हिंद महासागर में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास बढ़ाएंगे तथा ‘मेक इन इंडिया’ के तहत रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में भी सहयोग को मजबूत करेंगे। उन्होंने भारत की अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) की सदस्यता का समर्थन भी दोहराया।

Related Articles

नवीनतम लेख