सोमवार को बिहार के लखीसराय जिले में अशोक धाम मंदिर के पास मची भगदड़ में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। हादसे में अब तक सात श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में सभी महिलाएं बताई जा रही हैं। कई अन्य श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
हादसे के बाद मंदिर परिसर में चीख-पुकार मच गई। लोग अपने परिजनों को तलाशते नजर आए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजने का काम शुरू किया। लखीसराय सदर अस्पताल में भी प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे और घायलों के इलाज की व्यवस्था पर नजर रखी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखीसराय में हुए भगदड़ हादसे पर दुख जताया है। पीएम ने दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि स्थानीय प्रशासन राहत और मदद के काम में जुटा है।
मुख्समंत्री सम्राट चौधरी ने लखीसराय के अशोकधाम हाल्ट पर हुई हृदयविदारक दुर्घटना में सभी मृतकों के निकटतम आश्रितों को राज्य सरकार की ओर से ₹4-4 लाख अनुग्रह अनुदान दिया जाएगा। दुःख की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदना और प्रतिबद्धता के साथ शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है।
हादसे के बाद घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए मेडिकल टीमों को सक्रिय किया गया। लखीसराय सदर अस्पताल में भी अधिकारियों की मौजूदगी में घायलों के इलाज की व्यवस्था की गई। घटना के बाद प्रशासन ने मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में भीड़ को नियंत्रित करने पर विशेष ध्यान दिया है। पुलिसकर्मियों को लोगों की आवाजाही व्यवस्थित करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने में लगाया गया।
डीएम ने बताया कि जिस तार को लेकर अफवाह फैली थी, वह बिजली का तार नहीं बल्कि केबल का तार था। लेकिन अफवाह फैलते ही श्रद्धालुओं में डर पैदा हो गया। इसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं की कतार में दिखाई दिया। वहां अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया। लोग खुद को बचाने के लिए इधर-उधर होने लगे। इसी दौरान कई महिलाएं एक-दूसरे के ऊपर गिर गईं और देखते ही देखते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पुलिस और प्रशासन की टीम ने तुरंत लोगों को संभालने की कोशिश की। घायलों को मौके से निकालकर एंबुलेंस और दूसरे वाहनों से अस्पताल भेजा गया।
उन्होंने बताया कि घटना में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में सभी महिलाएं शामिल हैं। प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान और घायलों की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। हादसे के बाद अधिकारी अस्पताल में भी मौजूद हैं। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि घटना के दौरान मौके पर क्या स्थिति थी और भीड़ का दबाव अचानक इतना ज्यादा कैसे बढ़ गया।
एसडीपीओ शिवम कुमार ने हादसे में सात लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कई श्रद्धालु घायल हुए हैं और उनका इलाज कराया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं। एसडीपीओ के मुताबिक, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। प्रशासन की टीम मंदिर परिसर में स्थिति को सामान्य करने के साथ ही घटना से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है।
