देवघर। संथाल परगना में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में रविवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अभियान निदेशक आराधना पटनायक ने देवघर जिले के मोहनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और एनक्यूएएस प्रमाणित जमुनिया आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं, मरीजों को मिल रही सेवाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जमुनिया आयुष्मान आरोग्य मंदिर में संस्थागत प्रसव की सुविधा शुरू करने का निर्देश देते हुए उन्होंने ग्रामीणों तक सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी व्यापक स्तर पर पहुंचाने पर जोर दिया।
जमुनिया आयुष्मान आरोग्य मंदिर के निरीक्षण के दौरान अभियान निदेशक ने अधिकारियों से स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं और वहां आने वाले मरीजों से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ लोगों को उनके बारे में जागरूक करना भी जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए लोगों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाए।
ग्रामीणों को जागरूक करने पर जोर
आराधना पटनायक ने कहा कि ग्रामीणों को यदि समय पर स्वास्थ्य सुविधाओं की सही जानकारी मिलती है तो वे स्थानीय स्तर पर ही कई स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को गांवों में जाकर लोगों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सेवाओं के बारे में जानकारी देने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया।
उन्होंने जमुनिया आयुष्मान आरोग्य मंदिर में संस्थागत प्रसव की सुविधा शुरू करने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी करने को कहा, ताकि ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए दूर नहीं जाना पड़े और उन्हें स्थानीय स्तर पर सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
मोहनपुर सीएचसी की व्यवस्था से संतुष्ट
मोहनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान अभियान निदेशक ने वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, साफ-सफाई, मरीजों को मिल रही सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मोहनपुर सीएचसी नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड के अंतर्गत आता है। निरीक्षण के दौरान केंद्र की व्यवस्थाओं पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति और वहां उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी अधिकारियों से ली।
संथाल परगना के स्वास्थ्य केंद्रों की समीक्षा
अभियान निदेशक ने संथाल परगना के पाकुड़, साहिबगंज, गोड्डा, दुमका और जामताड़ा समेत अन्य जिलों की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में मौजूद कमियों को चिह्नित कर उन्हें दूर करने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि संथाल परगना के ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत करने के साथ स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भूमिका भी जरूरी है।
श्रावणी मेले की स्वास्थ्य व्यवस्था की भी ली जानकारी
देवघर में चल रहे श्रावणी मेले को देखते हुए आराधना पटनायक ने श्रद्धालुओं के लिए की गई स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेले के दौरान उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं, आपातकालीन सेवाओं और स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा की तथा अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली।
देवघर को स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनाने पर जोर
अभियान निदेशक ने कहा कि देवघर संथाल परगना की स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां देवघर के अलावा आसपास के कई जिलों से भी मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य संस्थानों को आधुनिक और सक्षम बनाना आवश्यक है।
उन्होंने देवघर में एम्स के साथ राज्य सरकार के स्वास्थ्य संस्थानों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। सदर अस्पताल की मौजूदा व्यवस्थाओं को और बेहतर एवं आधुनिक बनाने के लिए उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने के साथ लोगों को इन सुविधाओं की जानकारी देना भी उतना ही जरूरी है।
