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Monday, August 17, 2026

रेलवे ओवरब्रिज निर्माणः 22 लोगों के मकान तोड़ने पर हाईकोर्ट ने लगायी रोक

नवादा । नवादा शहर के बहुचर्चित रेलवे ओवरब्रिज एवं अतिक्रमण हटाओ मामले में पटना हाई कोर्ट ने आज प्रभावित लोगों को बड़ी को राहत दी है। हाई कोर्ट ने मामले में अंतरिम रोक लगाते हुए स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ताओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की बलपूर्वक कार्रवाई नहीं की जाएगी। अदालत के इस फैसले के बाद प्रभावित परिवारों में राहत की लहर दौड़ गई है।

जानकारी के अनुसार, रेलवे ओवरब्रिज निर्माण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर जिले से कुल 22 लोग पटना हाई कोर्ट पहुंचे थे। सबसे पहले अजय साव को अदालत से राहत मिली थी। इसके बाद उसी आदेश को आधार बनाकर 21 अन्य लोगों को भी अंतरिम राहत प्रदान की गई। पटना उच्च न्यायालय में दायर सिविल रिट जूरिस्डिक्शन केस संख्या 6104/2026 की सुनवाई न्यायमूर्ति अजीत कुमार की एकल पीठ में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने पूर्व मध्य रेलवे के अधिवक्ता को निर्देश दिया कि वे यह बताएं कि किन दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर याचिकाकर्ताओं को अतिक्रमणकारी घोषित किया गया है।

कोर्ट ने कहा कि रेलवे प्रशासन द्वारा जारी नोटिस के समर्थन में पर्याप्त अभिलेख प्रस्तुत करना आवश्यक है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक किसी भी याचिकाकर्ता को बेदखल नहीं किया जाए और न ही कोई कठोर कार्रवाई की जाए।

रेलवे ओवरब्रिज परियोजना और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को लेकर पिछले कई दिनों से जिले में व्यापक चर्चा चल रही थी। नोटिस जारी होने के बाद कई परिवारों के सामने आवास और रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। इसके बाद प्रभावित लोगों ने न्यायालय की शरण ली। मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई 2026 को होगी। अब सभी की निगाहें हाई कोर्ट की अगली कार्यवाही पर टिकी हैं।

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