तिरुवनंतपुरम । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत तमाम नेताओं ने सोमवार को केरल के मुख्यमंत्री के रूप में कांग्रेस नेता वीडी सतीशन के शपथ लेने पर बधाई दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि वह वीडी सतीशन को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई देते हैं। केंद्र सरकार जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में केरल की नवगठित सरकार को हरसंभव सहयोग देगी।
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने एक्स पर लिखा कि वह वीडी सतीशन और पूरी मंत्रिपरिषद को हार्दिक बधाई देते हैं। कांग्रेस-यूडीएफ के सामूहिक नेतृत्व में केरल वास्तविक प्रगति और भविष्य आधारित विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा। गरिमा, न्याय, स्वतंत्रता, समावेशन और सौहार्द उनकी प्रतिबद्धता के प्रमुख आधार हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि केरल की जनता ने इस सरकार के लिए संघर्ष किया है और जनता की आवाज ही सरकार का मार्गदर्शन करेगी। उन्होंने वीडी सतीशन और पूरी मंत्रिपरिषद को बधाई देते हुए कहा कि अब यह सरकार हर केरलवासी की आवाज का प्रतिनिधित्व करेगी। राहुल ने कहा कि केसी वेणुगोपाल ने इस अभियान का नेतृत्व अग्रिम पंक्ति से किया। यह जीत यूडीएफ के प्रत्येक कार्यकर्ता और डिजिटल योद्धा की है, जिन्होंने अभियान के दौरान निरंतर मेहनत की।
तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में
भारतीय जनता पार्टी के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चन्द्रशेखर भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें समारोह में आने के लिए आमंत्रित किया था और वह अपनी पार्टी तथा समर्थकों का प्रतिनिधित्व करते हुए यहां उपस्थित होकर प्रसन्न हैं।
शपथ लेने के बाद मंत्री बनी कांग्रेस नेता बिंदु कृष्णा ने कहा कि वह वीडी सतीशन मंत्रिपरिषद का हिस्सा बनकर गौरवान्वित हैं। यूडीएफ सरकार केरल में बड़ा परिवर्तन लाएगी और जनता के लिए काम करेगी।
सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कहा कि 60 वर्षों बाद ऐसा हुआ है, जब यूडीएफ की पूरी मंत्रिपरिषद ने एक साथ शपथ ली है। उनके साथ 20 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें कांग्रेस के 11, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के पांच और यूडीएफ के चार अन्य घटक दलों के एक-एक विधायक को मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है।
शपथ ग्रहण समारोह में खरगे, राहुल, प्रियंका, केसी वेणुगोपाल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

